कोटा में दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर डकनिया रेलवे स्टेशन के पास 10वीं कक्षा के 17 वर्षीय छात्र की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस की शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का सामने आया है, लेकिन परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। जीआरपी सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
डकनिया रेलवे स्टेशन के पास मिला छात्र का शव
दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर डकनिया रेलवे स्टेशन के पास 17 वर्षीय छात्र ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक छात्र 10वीं कक्षा में पढ़ता था और उसकी उम्र 17 वर्ष थी। घटना की सूचना मिलने के बाद जीआरपी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
जीआरपी थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हर पहलू को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जीआरपी डीएसपी शकील खान ने बताया कि सूचना मिली थी कि डकनिया रेलवे स्टेशन के पास एक किशोर ट्रेन की चपेट में आ गया है। शकील खान ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन पुलिस किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
जयपुर-मैसूर एक्सप्रेस के आगे कूदा छात्र
जांच में सामने आया कि कोटा से रवाना होकर मैसूर जा रही जयपुर-मैसूर एक्सप्रेस जैसे ही डकनिया रेलवे स्टेशन से गुजर रही थी, तभी छात्र अचानक ट्रेन के सामने आ गया और उसके आगे कूद गया। ट्रेन की चपेट में आने से छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक छात्र दिन में अपनी मां से कुछ काम होने की बात कहकर घर से निकला था।
रात तक घर नहीं लौटा
जब छात्र देर रात तक वापस घर नहीं पहुंचा तो परिवार उसकी तलाश में जुट गया। कुछ देर बाद परिवार को सूचना मिली कि डकनिया रेलवे स्टेशन के पास एक लड़के का शव पड़ा हुआ है। परिजन मौके पर पहुंचे तो शव की पहचान 17 वर्षीय छात्र के रूप में हुई। मृतक छात्र के मामा ने घटना पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई है।
निष्पक्ष जांच की मांग
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मौत की असली वजह सामने लाने की मांग की है। जीआरपी पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।