मगरमच्छ ने बेटे के सामने पिता पर किया हमला
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राजस्थान के कोटा जिले में चंबल नदी के किनारे खड़े पिता-पुत्र पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। इस दौरान मगरमच्छ एक शख्स को दबोचकर नदी की गहराई में खींचकर ले गया। घटना के बाद ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मच गया। बेटे की जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज सुनकर ग्रामीणवासी मदद के लिए दौड़ पड़े। यह घटना खातौली थाने इलाके के घटोद गांव में सामने आई है।
भेड़ें चरा रहे थे पिता और बेटे
स्थानीय निवासी ओंकार सिंह ने बताया कि घटोद गांव निवासी 45 वर्षीय मुरली गुर्जर अपने दो बेटों चंद्र प्रकाश और गोलू के साथ चंबल नदी किनारे भेड़ें चरा रहे थे और उन्हें नहला रहे थे। इसी दौरान अचानक मगरमच्छ ने हमला कर दिया।
पहले बेटे पर झपट्टा, फिर पिता को दबोचा
बताया गया कि मगरमच्छ ने पहले चंद्र प्रकाश पर झपट्टा मारा, लेकिन चंद्र प्रकाश ने खुद को बचा लिया और नदी से बाहर निकलने की कोशिश की। तभी मगरमच्छ ने मुरली को अपने जबड़ों में दबोच लिया और खींचते हुए पानी की गहराई में ले गया।
बेटे के शोर पर दौड़े ग्रामीण
घटना के बाद बेटों ने शोर मचाया, जिस पर ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। हमले में घायल हुए चंद्र प्रकाश को तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना से पूरे गांव में भय और दुख का माहौल बन गया।
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पुलिस और वन विभाग की टीम पहुंची मौके पर
इटावा डीएसपी ओम प्रकाश ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। शुरुआती दौर में जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण रेस्क्यू अभियान में काफी दिक्कतें आईं।
ग्रामीणों ने नावों से की तलाश
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीण भी अपने स्तर पर नावों के जरिए तलाश में जुटे रहे। करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद एसडीआरएफ टीम के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने घटनास्थल से कुछ दूरी पर मुरली के शव को नदी से बाहर निकाल लिया और पुलिस को सुपुर्द कर दिया। हादसे की सूचना मिलने के बाद भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष प्रेम गोचर भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की।