कोटा की एक केमिकल फैक्ट्री में शुक्रवार सुबह भीषण आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि लपटें सड़क तक पहुंच गईं। हालात ऐसे बने कि एक किलोमीटर के दायरे में दूसरी फैक्ट्रियां और मकान, हॉस्टल खाली कराने पड़े। दूर से ही धुएं का गुबार नजर आ रहा था। सूचना मिलने के बाद नगर निगम की 16 दमकल मौके पर पहुंची। दमकल ने 100 से ज्यादा राउंड लगाकर 7 घंटे में आग पर काबू पाया।
आग पर काबू करने के लिए निगम, थर्मल, डीसीएम, पुलिस, सीएफसीएल व आर्मी की दमकलों को मौके पर बुलाया गया था। राहत व बचाव के लिए एसडीआरफ की टीम भी मौके पर पहुंची। सुबह सात बजे लगी आग पर दोपहर दो बजे काबू पाया गया। कलेक्टर, एसपी समेत नगर निगम के आलाधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
राज्यपाल का कार्यक्रम रद्द
इस मामले में केईडीएल व गैस सप्लाई लाइन की लापरवाही सामने आई है। आगजनी के बावजूद सप्लाई बंद नहीं की गई। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। शांति धारीवाल ने कहा आग से करीब 100 करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं, इसके चलते राज्यपाल कलराज मिश्र का कोटा भी दौरा रद्द हो गया। कलराज मिश्र को आज कोटा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होना था।
इस फैक्ट्री में कैल्शियम गोलियां बनाने का पाउडर बनता है। यहां से पाउडर पेट्रो केमिकल कंपनियों को सप्लाई किया जाता है। साथ ही वायरिंग के आउटर (प्लास्टिक का तार) बनता है। इन्हें पैक करने के लिए भारी संख्या में पॉलीथिन के बैग रखे हुए थे। सभी आग की चपेट में गए। करीब 40 से 50 करोड़ के नुकसान की आशंका जताई गई है।