केकड़ी में हल्की बूंदाबांदी के बाद पुनः कोहरे कोहरे कड़ाके की ठंड का असर देखने को मिला है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से केकड़ी में रविवार को घना कोहरा छाया रहा। शनिवार शाम हुई बूंदाबांदी के बाद रविवार सुबह भी पूरा शहर कोहरे की चादर में लिपट गया।
केकड़ी में रविवार को कड़ाके की सर्दी के कारण लोग घरों में दुबके रहे और देर तक बाहर नहीं निकले। जो लोग बाहर निकले, उन्होंने अलाव का सहारा लेकर खुद को गर्म रखा। पूरे दिन लोग चाट, पकौड़ी तथा चाय की थड़ियों पर चिपके रहे। दोपहर बाद कुछ समय के लिए सूर्य देव के दर्शन हुए, लेकिन शाम को पुनः कोहरा छाने के कारण लोग जल्द ही घरों में दुबक गए तथा बाजार भी जल्द ही बंद हो गए।
दोपहिया वाहन चालकों को सर्दी से बचने के लिए मफलर, जर्सी, टोपे आदि के विशेष इंतजाम करने पड़े। यातायात में वाहनों की गति धीमी रही और सड़कों पर वाहन रेंगते हुए नजर आए। कोहरे के कारण दृश्यता 50 मीटर तक सीमित रही, जिससे वाहन चालकों को दोपहर में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। तेज सर्दी के चलते एक बार फिर अजमेर जिला कलेक्टर को 13 व 14 जनवरी दो दिन के लिए स्कूलों में अवकाश घोषित करना पड़ा। इस बार यह अवकाश कक्षा 1 से 5 तक के लिए किया गया। शेष कक्षाओं में अध्ययन कार्य नियमित रूप से जारी रहेगा।
उधर, रविवार को तेज कोहरा और ओस पड़ने के कारण किसानों के चेहरों पर खुशी नजर आई। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम का किसानों को फायदा मिलेगा। कोहरे और सर्दी का असर गेहूं, सरसों, जौ और चना जैसी रबी की फसलों के लिए लाभदायक साबित होगा। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव पूरे क्षेत्र में देखा गया है, जिससे किसानों को अच्छी फसल की उम्मीद है।
किसानों ने बताया कि अभी खेतों में पानी पिलाई का समय चल रहा है तथा इस समय यह ओस फसलों के लिए अमृत के समान है। फसलों पर ओस की बूंदे जमने के कारण फसल की पकाई अच्छी होती है। किसानों ने बताया कि अभी समय रहते बारिश हो जाए तो किसानों को अधिक फायदा हो सकता है। इससे फसलों को तैयार करने के लिए अभी दिन रात सिंचाई में लगे किसान के लिए बिजली व डीजल की अधिक खपत से भी बचत होगी।