केकड़ी जिला बचाओ आंदोलन में मंगलवार को तेजी दिखाई दी। वकीलों ने ब्लेक डे मनाते हुए जिला हटाने के जिम्मेदार लोगों का पुतला फूंका। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग जमा हुए। बाद में बार एसोसिएशन द्वारा जिला वापस बहाल करने एवं आगामी बजट में केकड़ी के लिए विशेष घोषणाएं करने की मांग करते हुए अध्यक्ष मनोज आहूजा के नेतृत्व में उपखण्ड अधिकारी सुभाषचन्द हेमानी को मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
केकड़ी जिला बचाने के लिए बार एसोसिएशन द्वारा यहां कोर्ट परिसर में 27 दिन से लगातार धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। यह आंदोलन अब धीरे धीरे परवान चढ़ने लगा है। एक एक करके कई संगठन इसके समर्थन में जुटने लगे हैं। मंगलवार को आर्य समाज व रावणा राजपूत समाज ने भी वकीलों के इस आंदोलन में शामिल होकर अपना समर्थन प्रदान किया।
अधिवक्ताओ ने इस मौके पर सरकार को कोसते हुए केकडी को फिर से जिले का दर्जा देने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया। इस दौरान वक्ताओ ने कहा कि राज्य सरकार ने केकड़ी की जनता के साथ दुर्भावनापूर्ण व्यवहार किया है। पात्रता के सभी मापदंड पूर्ण होने के बावजूद भी केकड़ी जिले का दर्जा हटाया गया, इसको लेकर अधिवक्ता अपना आंदोलन तब तक जारी रखेंगे, जब तक केकड़ी को जिले का दर्जा वापस नहीं मिल जाता।
वक्ताओ ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद केकड़ी को जिला बनाया गया था। नए जिले के गठन के बाद से ही केकड़ी में कलेक्टर और एसपी कार्यालय सुचारू रूप से खोल दिया गया था, साथ ही अन्य सभी जिला अधिकारियों की भी नियुक्ति कर दी गई थी। लेकिन सरकार बदलने के एक साल के भीतर ही दुर्भावना पूर्वक फैसला लेते हुए सरकार ने केकड़ी जिले को निरस्त कर दिया है, जिसका खामियाजा केकड़ी की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज आहूजा ने बताया कि अधिवक्ताओं द्वारा चलाए जा रहे इस आंदोलन को अब तक कई सामाजिक संगठनों ने अपना समर्थन दिया है। अधिवक्ता लगातार आमजन व सामाजिक संगठनों से संपर्क कर आंदोलन में शामिल होने की अपील कर रहे है। आंदोलन के साथ साथ कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए भी बार एसोसिएशन केकड़ी के 11 वरिष्ठ वकीलों का एक पैनल गठित किया गया है, जो उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर करने के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार करने में जुटा हुआ है।