महिलाओं ने चंद्रमा को अर्घ्य देकर खोला व्रत
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दौसा जिले में करवाचौथ पर महिलाओं द्वारा मंदिरों में बुधवार की सुबह से चहलकदमी रही। इस दौरान सुहागिन महिलाओं ने चौथ माता की विशेष पूजा अर्चना कर पति के अच्छे स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना की। साथ ही परिवार में सुख शांति व समृद्धि की अरदास लगाई।
सुहाग की रक्षा के लिए करवा चौथ का व्रत
बता दें कि करवा चौथ के दिन कार्तिक मास की चतुर्थी तिथि होने के कारण करवा और चौथ को मिलाकर इसका नाम करवा चौथ पड़ा। हिंदू मान्यता के हिसाब से मां करवा पहली स्त्री हैं, जिन्होंने अपने सुहाग की रक्षा के लिए करवा चौथ व्रत की शुरुआत की थी। इसके बाद इस व्रत को भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर द्रौपदी ने भी किया था। इस दिन महिलाएं अपने पति की उपस्थिति में चंद्रमा को अर्घ्य देखकर विधिवत पूजा करती है, जैसे ही आसमान में चांद नजर आता है, महिलाएं चंद्रमा की पूजा कर अपना व्रत खोलती है।