राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के 'बंटेंगे तो कटेंगे' के घृणास्पद नारे का चुनावी सभाओं में प्रयोग करने पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की। उन्होंने चुनाव आयोग से शिकायत कतरे हुए मांग की है कि प्रदेश में घृणा और भय उत्पन्न करने के कथन पर चुनाव आयोग संज्ञान ले। भाजपा और सतीश पूनिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। जूली ने भाजपा नेताओं को चेताया है कि वे समाज में जहर घोलने का काम न करें।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की चुनावी सभा में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने 'बटेंगे तो कटेंगे' शब्द का इस्तेमाल कर चुनाव में घृणा, भय और अराजकता उत्पन्न करने की कोशिश की है। जूली ने कहा कि भाजपा प्रदेश में विधानसभा के सातों उप चुनाव हारने जा रही है। इससे भाजपा विचलित हो गई है और भाजपा नेता प्रदेश में घृणा और भय उत्पन्न करने पर उतर आए हैं। मतदाताओं को भयभीत और गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि जनता के बीच घृणा और भय फैलाने वाले ऐसे आपत्तिजनक कथन के इस्तेमाल पर चुनाव आयोग को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए था। टोंक जिला प्रशासन को ऐसे भड़काऊ भाषण पर सतीश पूनिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना चाहिए था। प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।
जूली ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव विचारधारा के आधार पर और विकास के मुद्दे पर लड़े जाते हैं। भाजपा सिर्फ़ घृणा और भय उत्पन्न कर, समाज को बांटने की राजनीति करना जानती है। भाजपा के पास विकास का कोई दर्शन नहीं है। जूली ने कहा कि प्रदेश की जनता जागरूक है। वह भाजपा की घृणास्पद राजनीति के झांसे में नहीं आएगी, लेकिन ऐसे घृणास्पद नारे लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ है इसलिए चुनाव आयोग संज्ञान लेकर कार्रवाई करें।