मंडरायल-करौली मार्ग स्थित डूंडापुरा मोड़ के पास सोमवार शाम पत्थर से भरे ट्रक और बोलेरो की टक्कर में 9 लोगों की मौत के मामले में परिजन आर्थिक सहायता की मांग पर अड़ गए। मांग पूरी नहीं होने तक पोस्टमार्टम और शव नहीं लेने से इंकार कर दिया। बाद में पूर्व मंत्री रमेश मीणा, मध्य प्रदेश के विजयपुर विधायक रामनिवास रावत, करौली कलेक्टर नीलाभ सक्सेना, एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे।
परिजनों से आर्थिक सहायता को लेकर वार्ता की। करीब दो घंटे अलग-अलग वार्ता के बाद सहमति बनी। मध्य प्रदेश सरकार ने सभी सात मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये तथा राजस्थान सरकार ने दोनों मृतकों को चार-चार लाख रुपये आर्थिक सहायता की घोषणा की। साथ ही राजस्थान के सभी घायलों को 20-20 हजार रुपये की सहायता और सभी सरकारी योजनाओं का लाभ देने के बाद पोस्टमार्टम पर सहमति बनी।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों की सुपुर्द कर दिए। मंगलवार सुबह पूर्व मंत्री रमेश मीणा करौली अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिजनों और तीन वर्षीय घायल बालिका दिव्यांशी से मुलाकात की। उपचार की जानकारी ली और अधिकारियों तथा परिजनों से भी घटनाक्रम पर चर्चा की। घटना को लेकर करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर, सपोटरा विधायक हंसराज मीणा ने भी दुख प्रकट किया। साथ ही सपोटरा विधायक एसएमएस हॉस्पिटल जयपुर पहुंचे और घायलों की कुशल क्षेम पूछी। विधायक ने आर्थिक सहायता को लेकर प्रभारी मंत्री से भी मुलाकात की सहायता राशि स्वीकृत करने में मदद की।
करौली एडीएम राजवीर चौधरी ने बताया कि राजस्थान के दोनों मृतकों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों को बीस-बीस हजार रुपये की सहायता की घोषणा की है। साथ ही घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की सहायता का प्रस्ताव बना कर भेजा है। उन्होंने बताया कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ ही प्रदान किया जाएगा। एडीएम ने दुर्घटना पर भी शोक प्रकट किया है।