जिले के बासनी थाना क्षेत्र में एक महिला के लापता होने के मामले की जांच के दौरान पूछताछ के लिए बुलाए गए एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान 31 वर्षीय अमृत वैष्णव के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार एक महिला के घर से लापता होने के मामले में पुलिस जांच कर रही थी। कॉल डिटेल की जांच में अमृत वैष्णव की महिला से सबसे अधिक बातचीत सामने आने पर पुलिस ने मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे उसे पूछताछ के लिए बासनी थाने बुलाया था।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान अमृत ने कथित रूप से अपने साथ लाई गई जहरीली गोलियों का सेवन कर लिया। शाम करीब 5 बजे उसकी तबीयत बिगड़ने पर पुलिस उसे तत्काल एम्स अस्पताल लेकर पहुंची, जहां उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के काका दलपत वैष्णव ने बताया कि अमृत उनके साथ टिफिन सेवा का काम करता था और परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उनका आरोप है कि पुलिस पहले भी उसे पूछताछ के लिए बुला चुकी थी।
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उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन भी अमृत थाने पहुंचा था, जहां लापता महिला पक्ष की कुछ महिलाएं भी मौजूद थीं। दलपत के अनुसार पुलिस अमृत को अपने कक्ष में ले गई और उन्हें बाहर जाने के लिए कह दिया गया। कुछ समय बाद पुलिस की ओर से सूचना मिली कि अमृत ने जहरीला पदार्थ खा लिया है। परिजनों का कहना है कि यदि अमृत पुलिस की निगरानी में था, तो उसके पास जहरीला पदार्थ कैसे पहुंचा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटना की सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में परिजन अस्पताल पहुंच गए और प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। वहीं एडीसीपी नरेंद्र सिंह देवड़ा ने बताया कि मामले में मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।