भारत पाक के बीच चलने वाली अंतरराष्ट्रीय थार एक्सप्रेस शुक्रवार देर रात दुर्घटना ग्रस्त होते-होते बच गई। इस ट्रेन के साथ ये वाकया हुआ तब ट्रेन में तीन सौ से ज्यादा यात्री सवार थे। साजिश के तहत उसके ट्रेक पर आनेवाले मानव रहित फाटक पर बोलेरो खड़ी कर गया था। लेकिन ट्रेन के चालक की सूझबूझ के चलते हादसा होने से टल गया। गाड़ी का बीच पटरी पर ही खराब होना और वहीं उसे छोड़कर चले जाना सुरक्षा एजेंसियों को संदेह करने पर विवश कर रहा है।
दरअसल, जोधपुर भगत की कोठी रेलवे स्टेशन से तीन सौ पन्द्रह यात्रियों को लेकर रवाना हुई थार एक्सप्रेस मुनाबाव स्टेशन पहुंचती उससे पहले ही कवास और उत्तरलाई के बीच मानवरहित फाटक पर एक बोलेरो बीच में खड़ी मिली। वो तो शुक्र था कि ट्रेने के चालक को पटरी पर बीच में कुछ होने का आभास हुआ, तो उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाए और उतरकर देखा तो खराब बोलेरो बीचों बीच खड़ी थी। जोधपुर लोको पायलट पूनमचंद और सहायक लोको पायलट हरलाल ने लोगों की मदद से बोलेरो को पटरी से हटाया और वहां से ट्रेन ने आगे रवानगी ली।
इस घटना के चलते ट्रेन करीब आधे घंटे तक मौके पर खड़ी रही। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि थार एक्सप्रेस के भारत पाक के बीच में चलने व दोनों देशों के बीच के तनाव पूर्ण रिश्ते होने के चलते इस मामले में किसी साजिश से इंकार नहीं किया जा सकता। बताया जा रहा है कि भगत की कोठी से रवाना होने के बाद ट्रेन बड़ी रफ्तार से मुनाबाव की ओर बढ़ती है।