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अब कहां जाए मरीज जब डॉक्टर को ही स्वाइन फ्लू ..

Sat, 18 Mar 2017 09:11 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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स्वाइन फ्लू
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राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाएं वर्तमान में चरमराई हुई है। तेजी से पांव पसार रहा स्वाइन फ्लू आम लोगों के साथ उसका ईलाज करने वाले चिकित्सकों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। ताजा मामला जोधपुर का है जहां एक रेजिडेंट डॉक्टर की स्वाइन फ्लू की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं। गौरतलब है कि अभी तक जोधपुर में स्वाइन फ्लू के कारण दो महिलाओं की मौत हो चुकी है।
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इसके बाद चिकित्सा विभाग की स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए की जा रही तैयारियों पर सवालिया निशान लग गया है। वहीं गुरुवार को प्रदेश में छह नए स्वाइन फ्लू के मामले सामने आए है। जिसमें से तीन रोगी जयपुर में मिले है।

डॉक्टर ही बीमार
जोधपुर के उम्मेद अस्पताल कार्यरत रेजिडेंट चिकित्सक को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि के बाद मरीजों की चिंताएं बढ़ गई है। चिकित्सक का नाम डॉ सुमन चौपासनी बताया जा रहा है। अब स्वास्थ्य विभाग कह रहा है कि सबंधित डॉक्टर जहां रहती है वहा विभाग सर्वे कराएगा व लोगों को टेमीफ्लू टैबलेट वितरित करेगा।
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छह नए रोगी मिले
प्रदेश में गुरुवार को छह नए स्वाइन फ्लू के रोगी मिलने की पुष्टि हुई है। जनवरी से अब तक प्रदेश में 24 स्वाइन फ्लू के रोगी मिल चुके है। जिसमें सबसे अधिक संख्या जयपुर में ही है। जहां जयपुर में तीन माह के दौरान आठ रोगी मिले है वही जोधपुर में चार लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। जबकि अजमेर में भी चार स्वाइन फ्लू के मरीज मिले है। यह वे बड़े शहर है जहां सरकारी मेडिकल कॉलेज है और जहां सरकार बेहतरीन स्वास्थ्य सेवा होने का दावा करती है।

छह लोगों की मौती, विभाग आश्चर्य में
जनवरी से अब तब राजस्थान में स्वाइन फ्लू के कारण छह लोगों की मौत हुई हैं जिसमें दो मौत जोधपुर मे हुई है। जबकि दो मौत कोटा व एक—एक मौत अजमेर व जयपुर में हो चुकी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है आमतौर पर जनवरी के आसपास स्वाइन फ्लू का असर अधिक देखा जाता है। लेकिन अबकी बार मार्च में अधिक रोगी मिलना आश्चर्यजनक बात है।
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