जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा (23) की मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। बोरानाडा थाना पुलिस ने मर्ग दर्ज कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। गुरुवार को बालोतरा स्थित उनके आश्रम में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं मौत की वजह को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने जांच तेज की
पुलिस अब मेडिकल एंगल से मामले की जांच कर रही है। संदेह के आधार पर साध्वी को इंजेक्शन लगाने वाले नर्सिंग कर्मचारी देवी सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उससे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इंजेक्शन किस दवा का था, किस स्थिति में लगाया गया और इसके बाद साध्वी की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार साध्वी को हल्का बुखार था, जिस पर इंजेक्शन लगाने के लिए देवी सिंह को बुलाया गया था।
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इंजेक्शन लगने के कुछ ही समय बाद साध्वी की हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को इस मामले की आगे की जांच में अहम माना जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सबसे पहले देखने वाले डॉक्टर ने बताया कि साध्वी ब्रॉड डेड स्थिति में अस्पताल लाई गई थी। डॉक्टरों ने परिजनों को सरकारी अस्पताल ले जाने की सलाह दी और CPR के जरिए उन्हें रिवाइव करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
परिजनों ने उठाए सवाल
साध्वी के परिजनों ने कहा कि उन्हें गंभीर बीमारी नहीं थी और केवल हल्का जुकाम था। इसी बीच जोधपुर स्थित आश्रम में उन्हें इंजेक्शन लगाया गया, जिसके कुछ ही सेकेंड बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। साध्वी के पिता वीरमनाथ ने कहा कि उनकी बेटी को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। इंजेक्शन लगाने और उसके तुरंत बाद बिगड़ी हालत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के मामले में पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यदि कोई संदिग्ध तथ्य सामने आते हैं तो आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।