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राजस्थान हाईकोर्ट: युवती के फैसले से नाराज प्रेमी ने बालकनी से लटककर कूदने का किया प्रयास, अधिवक्ताओं ने बचाया

Tue, 27 Oct 2026 09:30 AM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

राजस्थान हाईकोर्ट में युवती की अभिरक्षा बुआ को सौंपने के आदेश से नाराज प्रेमी ने बालकनी से कूदने का प्रयास किया। अधिवक्ताओं ने उसे बचाया। पुलिस ने युवक को शांतिभंग के आरोप में पकड़ा। फर्जी विवाह प्रमाण पत्र की जांच भी होगी।

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राजस्थान हाईकोर्ट - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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राजस्थान हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान युवती के परिवार के साथ जाने की इच्छा जताने पर उसके प्रेमी ने अदालत की बालकनी से लटककर कूदने का प्रयास किया। बाड़मेर रोड स्थित गंगाणा निवासी 22 वर्षीय अरबाज खान युवती के इस फैसले से नाराज होकर बालकनी से लटक गया। मौके पर मौजूद अधिवक्ताओं ने समय रहते तत्परता दिखाते हुए युवक को पकड़ लिया और नीचे गिरने से बचा लिया। इस घटना से हाईकोर्ट परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने युवक को शांतिभंग के आरोप में पकड़ा है।

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बुआ को सौंपी गई अभिरक्षा
न्यायाधीश मुन्नूरी लक्ष्मण और न्यायाधीश चंद्र प्रकाश श्रीमाली की खंडपीठ ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए युवती की अभिरक्षा उसकी बुआ को सौंपने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के निर्देश पर युवती को जोधपुर स्थित राजकीय नारी निकेतन से पेश किया गया था। नारी निकेतन की परामर्श रिपोर्ट के अनुसार युवती अपने माता-पिता के बजाय अपनी बुआ के साथ जाने की इच्छुक थी। सुनवाई के दौरान बुआ देवी ने भी उसकी अभिरक्षा लेने पर अपनी सहमति जताई। याचिकाकर्ता पिता ने भी इस पर कोई आपत्ति व्यक्त नहीं की।

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फर्जी विवाह प्रमाण पत्र की जांच
हाईकोर्ट ने कथित फर्जी विवाह प्रमाण पत्र से जुड़े मामले को भी आगामी सुनवाई पर अपने समक्ष रखने का निर्देश दिया है। इस मामले में 15 अक्तूबर को हुई सुनवाई के दौरान युवती और अरबाज खान के कथित विवाह से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए थे। खंडपीठ के आदेशानुसार संरक्षण याचिका में प्रस्तुत विवाह प्रमाण पत्रों के सत्यापन में उन्हें फर्जी पाया गया था। कोर्ट ने रजिस्ट्रार (न्यायिक) को निर्देश दिया कि फर्जी विवाह प्रमाण पत्र के मामले को अगली सुनवाई पर खंडपीठ के समक्ष पेश किया जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी।

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