फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजस्थान में गजब की स्वास्थ्य व्यवस्था: यूट्यूब पर देखकर संविदा कर्मचारी ने किया मरीज का ECG, जोधपुर का मामला

Fri, 01 Nov 2024 02:44 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

Jodhpur News: जोधपुर के एक अस्पताल में संविदा कर्मचारी ने मरीज की ईसीजी जांच यूट्यूब पर देखकर कर दी। इस लापरवाही को लेकर मरीज के परिजनों ने गहरी नाराजगी जताई। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने वीडियो वायरल होने पर मामला संज्ञान में लिया है।
विज्ञापन
संविदा कर्मचारी ने यूट्यूब पर देख किया मरीज का ईसीजी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दीपावली के मौके पर जोधपुर के पावटा सेटेलाइट अस्पताल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक संविदा कर्मचारी ने लैब टेक्नीशियन की अनुपस्थिति में यूट्यूब देखकर एक मरीज की ECG की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे लेकर अस्पताल प्रशासन समेत मेडिकल कॉलेज के अधिकारी भी हरकत में आ गए हैं। यह वीडियो देखने के बाद मरीज के परिजन और लोग अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों की योग्यता पर सवाल उठा रहे हैं।

विज्ञापन

 
अस्पताल में स्टाफ की कमी
जानकारी के अनुसार, दीपावली के कारण अस्पताल में स्टाफ की कमी थी, जिसके चलते मरीज के ECG की जिम्मेदारी एक संविदा कर्मचारी को दी गई थी। मरीज के परिजनों ने जब उसे यूट्यूब देखकर ECG करने का प्रयास करते देखा, तो उन्होंने इसे लापरवाही बताते हुए उस पर आपत्ति जताई। परिजन लगातार उसे चेतावनी देते रहे कि ECG एक संवेदनशील प्रक्रिया है और इसे गलत तरीके से करने पर मरीज की जान खतरे में पड़ सकती है।
 
वीडियो में क्या दिखा?
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि संविदा कर्मचारी पहले तो मरीज को ECG के लिए तैयार करता है, लेकिन फिर उसे यह समझ नहीं आता कि इलेक्ट्रोड कहां लगाए जाएं। इसके बाद वह अपनी जेब से मोबाइल निकालकर यूट्यूब पर वीडियो देखकर प्रक्रिया को समझने की कोशिश करता है। इस दौरान परिजन उसे लगातार रोकते और चेतावनी देते रहते हैं कि यह लापरवाही हो सकती है, लेकिन संविदा कर्मचारी प्रक्रिया जारी रखता है।
विज्ञापन

 
परिजनों ने किया विरोध
मरीज के परिजन वीडियो में कहते नजर आते हैं कि जब आपको ECG करना नहीं आता, तो आप क्यों कर रहे हैं? वे लगातार उसे रोकने की कोशिश करते हैं और कहते हैं कि इस तरह की लापरवाही से मरीज की जान को खतरा हो सकता है। संविदा कर्मचारी ने स्वयं यह स्वीकार किया कि वह लैब टेक्नीशियन नहीं है और यह उसका पहली बार ECG करने का प्रयास है। परिजन उसे बार-बार सलाह देते हैं कि इस कार्य को प्रशिक्षित स्टाफ के बिना नहीं किया जाना चाहिए।
 
अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस वीडियो के वायरल होने के बाद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और अस्पताल प्रशासन ने इस पर बयान दिया है कि घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी और इस तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
 
जारी हुए जांच के आदेश
मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने जांच का आदेश दे दिया है। अधिकारी अब इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि कैसे एक अयोग्य संविदा कर्मचारी को इतने संवेदनशील काम के लिए लगाया गया। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में स्टाफ की कमी और अनुशासनहीनता जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर किया है। इस घटना के बाद मरीजों के सुरक्षा इंतजाम और अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें