Rajasthan Budget 2026-27: राज्य बजट से उद्योग जगत को बड़ी उम्मीदें हैं। सोलर कैरी फॉरवर्ड, सस्ती बिजली, गैस उपलब्धता, प्रोसेसिंग उद्योग, टेक्सटाइल व खनिज सेक्टर को बढ़ावा देने सहित जोजरी रिवर फ्रंट पर घोषणाओं की मांग उठी है।
राज्य सरकार 11 फरवरी को अपना बजट पेश करने जा रही है। केंद्र सरकार के बजट के बाद अब प्रदेश की जनता, खासतौर पर उद्योग जगत को राज्य बजट से कई बड़ी उम्मीदें हैं। उद्योग से जुड़े संगठनों और उद्यमियों ने सरकार से अर्थव्यवस्था को गति देने वाले ठोस फैसलों की मांग की है।
लघु उद्योग भारती के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा ने कहा कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए व्यावहारिक नीतियों की जरूरत है। उन्होंने बताया कि संगठन की ओर से सरकार को कई सुझाव भेजे गए हैं। प्रदेश में सोलर ऊर्जा की असीम संभावनाएं हैं, लेकिन सोलर से उत्पादित बिजली की यूनिट को आगे कैरी फॉरवर्ड नहीं किया जा सकता। इस पर पुनर्विचार करते हुए कम से कम एक वर्ष तक कैरी फॉरवर्ड की सुविधा दी जानी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि खेती को बढ़ावा देने और किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रोसेसिंग उद्योगों की स्थापना जरूरी है। इसके साथ ही जोजरी रिवर फ्रंट को लेकर भी बजट में किसी घोषणा की उम्मीद जताई। उद्यमी सुरेश कुमार विश्नोई ने कहा कि टैक्स में कमी के बाद उद्यमियों में उत्साह है और नए ऑर्डर मिलने शुरू हो गए हैं। उन्होंने चिंता जताई कि प्रदेश का कच्चा माल बाहर के राज्यों में जा रहा है। रिफाइनरी के शुरू होने के साथ सरकार से इस क्षेत्र में नए नवाचारों की उम्मीद की जा रही है।
वहीं उद्यमी महावीर चौपड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वित्त मंत्री दीया कुमारी विधानसभा में बजट पेश करेंगी। लघु उद्योग भारती ने बजट को लेकर सरकार को कई सुझाव भेजे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहां खनिज संपदा प्रचुर मात्रा में है, लेकिन अधिक बिजली दरों और गैस की सीमित उपलब्धता के कारण मिनरल्स को प्रोसेसिंग के लिए अन्य राज्यों में भेजना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि बिजली दरों में कमी और गैस की उपलब्धता बढ़ाई जाए। साथ ही प्रदेश में मौजूद विशाल टेक्सटाइल उद्योग को देखते हुए पावरलूम सेक्टर को विकसित किया जाए, जिससे राज्य को आर्थिक लाभ मिल सके।