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Rajasthan: अमर उजाला की खबर का असर, बाड़मेर में जोधपुर डिस्कॉम को लाखों रुपये का चूना लगाने वालों को चार्जशीट

Fri, 21 Apr 2023 06:20 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर

सार

राजस्थान के बाड़मेर जिले में अमर उजाला की खबर का असर देखने को मिला है। खबर प्रसारित होने के बाद अधीक्षण अभियंता के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश और तीन कार्मिकों को 17 सीसी का नोटिस जारी हुआ है।
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अमर उजाला की खबर का असर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बाड़मेर में अमर उजाला की खबर का असर हुआ है। जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के तहत बाड़मेर के शहर द्वितीय फीडर में कार्मिकों द्वारा बड़ी रिश्वत लेकर नियमों के खिलाफ कृषि भूमि में काटी गई अवैध कॉलोनी में फर्जी तरीके से 47 लाख रुपये काम का 15 हजार रुपये डिमांड बताकर विद्युतीकरण करने के बड़े घोटाले में मामले में मुख्य अभियंता ने दोषी पाए जाने पर तीन कार्मिकों को मेजर श्रेणी में 17 सीसी के तहत चार्जशीट दी है। वहीं, इस पूरे मामले में अधीक्षण अभियंता की भूमिका सामने आने के बाद मुख्य अभियंता ने निगम कार्यालय जोधपुर को कार्रवाई की सिफारिश (अनुशंसा) की है।

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इस मामले में खुलासे के बाद डिस्कॉम सिटी-2 के कार्मिकों ने रातो-रात कॉलोनी में लगाए गए पोल हटाकर सबूत मिटाने की कोशिश की है। जबकि नियमों में है कि किसी भी कार्य में अनियमितताएं सामने आने के बाद जब तक जांच पूर्ण न हो, तब तक उस कार्य के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है।

उच्चाधिकारियों ने माना की पोल हटाना गलत...
इस मामले की जांच कर रहे मुख्य अभियंता से पोल हटाने के बारे में पूछा गया तो उनका साफ कहना है कि उनकी जानकारी के बिना सहायक अभियंता ने मौके पोल हटाए हैं। इस मामले में जांच कर रहे हैं, कौन-कौन कार्मिक शामिल थे और हटाने के दौरान कितने पोल को क्षति पहुंचाई गई है।
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मामले में दोषी तीन कार्मिकों को थमाई गई है चार्जशीट...
अमर उजाला द्वारा दो दिन पहले "जोधपुर डिस्कॉम के तहत बाड़मेर में घोटाला, कॉलोनाइजर से 15 हजार की डिमांड लेकर 47 लाख का काम किया" शीर्षक से खबर चलाने के बाद हरकत में आए मुख्य अभियंता ने डिस्कॉम के कनिष्ठ एवं सहायक अभियंता अधिशासी अभियंता एवं उपभोक्ता लिपिक को मेजर श्रेणी में सात सीसी के तहत चार्जशीट दी है। वहीं, नियमों के खिलाफ वित्तीय स्वीकृति जारी करने में दोषी पाए जाने पर मैनेजिंग डायरेक्टर जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को अधीक्षण अभियंता बाड़मेर के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा भी की है।

अधीक्षण अभियंता की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल...
डिस्कॉम बाड़मेर के अधीक्षण अभियंता की कार्यप्रणाली पर लगातार ही बड़े सवाल उठते आए हैं। इनके कार्यालय स्तर पर की गई खरीदी के मामले में बड़े घोटाले की बात सामने आ रही है। वहीं, पिछले तीन साल में डिस्कॉम ने टेंडर प्रक्रिया को नजरअंदाज कर अपने चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के भी आरोप लग रहे हैं। स्थानीय स्तर पर की गई करोड़ों रुपये की खरीदी के मामले की जांच चल रही है।

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