शहर के नवलखा रोड पर मोहर्रम की रात गोली लगने से घायल हुए युवक के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि युवक पर किसी ने गोली नहीं चलाई थी, बल्कि उसके पास मौजूद अवैध देशी कट्टे का ट्रिगर गलती से दब जाने से गोली उसकी जांघ में लग गई थी।
घटना के बाद घायल युवक ने पुलिस को गुमराह करने के लिए फर्जी फायरिंग की कहानी रच दी और दावा किया कि भीड़ में खड़े होने के दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे गोली मार दी। हालांकि कोतवाली थाना प्रभारी रविंद्र सिंह खींची के नेतृत्व में पुलिस ने मामले की गहन जांच कर दूसरे ही दिन पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया।
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जानकारी के अनुसार इंद्रा कॉलोनी निवासी 21 वर्षीय नदीम पुत्र शौकत अली को गुरुवार रात करीब 10 बजे घायल अवस्था में बांगड़ अस्पताल लाया गया था। जांच में उसकी जांघ के अंदर गोली फंसी हुई मिली। पुलिस पूछताछ में नदीम लगातार यही कहता रहा कि उसे किसी अज्ञात व्यक्ति ने गोली मारी है। मामले की जांच के दौरान पुलिस को शुरू से ही कहानी पर संदेह था। थाना प्रभारी रविंद्र सिंह खींची ने घायल के कपड़ों और गोली लगने के निशानों का निरीक्षण किया, जिससे स्पष्ट हो गया कि गोली बेहद नजदीक से चली थी। इसके बाद पुलिस ने घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ते हुए सच्चाई का पर्दाफाश कर दिया।
जांच में सामने आया कि नवलखा रोड पर भीड़ के बीच खड़े नदीम के पास अवैध देशी कट्टा था। इसी दौरान गलती से ट्रिगर दब गया और गोली उसकी जांघ में जा लगी। अवैध हथियार पकड़े जाने के डर से उसने कट्टा अपने दोस्त फरदीन को सौंप दिया और खुद इलाज के लिए अस्पताल पहुंच गया। पुलिस ने इंद्रा कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय फरदीन पुत्र मोहम्मद इस्माइल को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से देशी कट्टा बरामद कर लिया है। फरदीन घटना के बाद हथियार लेकर मौके से फरार हो गया था। कोतवाली पुलिस ने दोनों युवकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।