लेखा व विकास शाखा के गेट पर लगी सील
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जैसलमेर में बिना सड़क बनाए ही फर्जी तरीके से भुगतान उठाने के मामले में शुक्रवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने नगर परिषद की लेखा व विकास शाखा को सीज कर दिया। एसीबी की अचानक हुई इस कार्रवाई के बाद नगर परिषद में हडकम्प मच गया और अधिकारी अचानक गायब हो गए।
जानकारी के अनुसार चार साल पहले बिना सड़क निर्माण किए ही सरकार को 66 लाख रुपए की चपत लगाने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने एक्सईन लक्ष्मण पंवार, कनिष्ठ लिपिक अनिल शर्मा व ठेकेदार अमृतलाल को गिरफतार किया था। फिलहाल तीनों आरोपी रिमाण्ड पर हैं। पूछताछ के बाद अचानक एसीबी की टीम ने नगर परिषद की विकास व लेखा शाखा को ज कर दिया। एसीबी टीम को देखकर यहां स्टाफ में अफरा तफरी मच गई। कई अधिकारी—कर्मचारी अचानक गायब हो गए। ऐसे में ये अधिकारी—कर्मचारी एसीबी के संदेह के घेरे में हैं। परिषद के अधिकारियों व कर्मचारियों का सहयोग नहीं मिलने से सभी संदेह के घेरे में नजर आ रहे हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2012-13 में जैसलमेर नगर पालिका ने बाडमेर तिराहे से एसबीबीजे चौराहे तक सड़क निर्माण कार्य का ठेका दिया था, लेकिन ठेका कम्पनी ने सड़क निर्माण नहीं करवाया। साथ ही 45 लाख 25 हजार का भुगतान भी उठा लिया था। इसी प्रकार कच्ची बस्ती में फर्श, नाली व फुटपाथ निर्माण में बिना काम किए 21 लाख 47 हजार का भुगतान उठा लिया था।