जोधपुर शहर के कड़वड़ थाना क्षेत्र में कुछ दिन पहले जिसे यूरिया समझकर जब्त किया था वह अमनोनियम नाइट्रेट निकला। यह विस्फोटक सूरसागर इलाके में सप्लाई होना था।
पुलिस ने बताया कि आरोपितों ने पहले इन कट्टों में यूरिया होना बताया था। अब जांच के बाद 2222 किलो अमोनियम नाइट्रेट का खुलासा हुआ है। इस पर आरोपित सुनील विश्नोई और राजूराम विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों ने यह विस्फोटक नागौर से लाने की बात कही है। जिसके बाद नागौर के छोटी खाटू के रड़ी क्षेत्र में भी एक मकान पर दबिश दी।
यहां से पुलिस ने अमोनियम नाइट्रेट के 225 बैग बरामद किए हैं। पुलिस पूछताछ में सामने आया है जब्त विस्फोटक सूरसागर क्षेत्र में सप्लाई होना था। आरोपितों के अनुसार वे तीन हजार रुपए भाड़े पर यह विस्फोटक ले जा रहे थे। हालांकि अभी इस बात की जांच जारी है कि इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक से कहां धमाका होने वाला था।
गौरतलब है कि अमोनियम नाइट्रेट विस्फोट के काम लिया जाता है। इसकी इसी भयावहता को देखते हुए सरकार ने 2012 में इसे प्रतिबंधित कर दिया था, लेकिन अभी भी खनन कार्य में धड़ल्ले से काम में लिया जा रहा है। कुछ दिन पहले मध्यप्रदेश में हुए धमाके में भी अमोनियम नाइट्रेट ही काम में लिया गया था।