जोधपुर के माचिया सफारी पार्क में घुसा पैंथर गुरुवार को तीसरे दिन भी वन विभाग की पकड़ में नहीं आया है। यहां पैंथर ने गत रविवार रात को 13 काला चिंकारों का शिकार किया था। वन विभाग ने पार्क के कई क्षेत्रों में उसे ट्रैक करने के लिए पिंजरे लगाए हैं। सतर्कता बरतते हुए माचिया सफारी पार्क में पर्यटकों का प्रवेश आगामी आदेशों तक बंद कर दिया गया है।
इधर, हिरणों की मौत पर वन्यजीव प्रेमियों ने रोष जताते हुए माचिया सफारी पार्क के बाहर प्रदर्शन किया। जोधपुर शहर के आसपास सबसे पहले गत 12 मार्च को पैंथर के पैरों के निशान देखे गए थे। इसके कुछ वीडियो भी सामने आए। उसके बाद विभाग ने कई जगहों पर ऑपरेशन भी चलाया, लेकिन पैंथर पकड़ में नहीं आया। हाल ही में चौखा क्षेत्र में फिर से पैंथर का मूवमेंट देखा गया था। अब चौखा की पहाडियों के अंदर से होते हुए पैंथर माचिया तक पहुंच गया। वन विभाग पिछले ढाई महीने से जिस पैंथर को जगह-जगह तलाश रहा था, वह माचिया सफारी पार्क में देखा गया है। उसने रविवार रात को पार्क में तेरह चिंकारों का शिकार किया। यहां कैमरों में पैंथर की मूवमेंट भी नजर आई है।
इससे वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया। पैंथर फिर से वहीं पर शिकार करने के लिए आएगा। इसी आशंका को लेकर विभाग ने चिंकारा के पिंजरों के पास पैंथर को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया है। पार्क में छोटे नाले व पैंथर के छिपने के लिए कई जगह हैं। इन सभी स्थानों पर अब वन विभाग की टीम निगरानी रख रही है। उप वन संरक्षक (वन्यजीव) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार से आगामी आदेशों तक माचिया पार्क बंद रखने के आदेश दिए हैं। इस पैंथर ने गत रविवार रात को काले हिरणों के पिंजरे में घुसकर एक के बाद एक 13 काले हिरणों पर हमला कर दिया था, जिसमें सभी की मौत हो गई थी। उसके बाद से ही वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम ने किया प्रदर्शन
इधर, वन्य जीवों के लिए सबसे सुरक्षित कहे जाने वाले माचिया सफारी पार्क में एक साथ तेरह हिरणों की मौत पर वन्य जीव प्रेमियों ने आक्रोश जताया है। बुधवार को गुरु जंभेश्वर वन्य जीव सेवा एवं पर्यावरण विकास संस्थान की ओर से माचिया बायोलॉजिकल पार्क के बाहर प्रदर्शन किया गया। उन्होंने माचिया सफारी पार्क के तमाम स्टॉफ को निलंबित करने की मांग भी की।