फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jodhpur News: 'देश का अन्न-जल खाकर खड़े हैं देश के गद्दार के साथ', प्रताप पुरी ने साले मोहम्मद पर किया तंज

Thu, 29 May 2025 09:09 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

प्रताप पुरी ने सवाल उठाया कि क्या मंत्री को शकूर की गतिविधियों का कोई अंदेशा नहीं था, जबकि वह पांच वर्षों तक उनका निजी सचिव रहा और पाकिस्तान भी गया। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि सीमावर्ती क्षेत्र को ऐसे लोगों ने अति संवेदनशील बना दिया है।
विज्ञापन
पोकरण विधायक प्रताप पुरी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रताप पुरी ने कहा कि जब पूरा देश राष्ट्र भक्ति से ओत प्रोत होकर सेना के साथ खड़ा था, देश का प्रत्येक आम नागरिक दुश्मन देश को सबक सिखाने के लिए सेना के साथ खड़ा था। उस समय देश के अंदर रहने वाले, देश का अन्न-जल खाने वाले और देश के नागरिक कहलाने वाले देश के गद्दार के साथ खड़े थे और वह भी सीमंत क्षेत्र में। 

विज्ञापन


सीमंत क्षेत्र को इन लोगों ने बहुत ही सेंसिटिव और अति संवेदनशील बना रखा है। राजस्थान के पूर्व कैबिनेट मंत्री के पांच वर्ष तक निजी सचिव रहकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के साथ मिलकर उसने क्या-क्या किया होगा... कल्पना से परे है। पांच साल तक पूर्व मंत्री जी भी क्या इसके बारे में नहीं जानते थे? व्यक्ति के हाव-भाव से व्यक्ति के व्यवहार से सब पता चल जाता है कि व्यक्ति कौन है, क्या है और क्या कर रहा है। मंत्री जी ने पांच साल तक उसको निजी सचिव रखा और उसने पाकिस्तान की यात्रा भी की है।

ये भी पढ़ें- 'ऑपरेशन सिंदूर' के समय जिला कंट्रोल रूम में था जासूस शकूर खान, ISI से है संपर्क
विज्ञापन


विधायक प्रताप पुरी ने सवाल खड़ा किया कि क्या शकर कभी मंत्री जी के साथ भी पाकिस्तान गया या नहीं... इसका भी पता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा आश्चर्य और चिंता इस बात की हो रही है कि इतने बड़े कैबिनेट मंत्री के निकट रहकर देश के साथ धोखा किया। पीठ में छुरी घोपने का काम किया है। 
विज्ञापन


पूर्व कैबिनेट मंत्री के बारे में बताते हुए प्रताप पुरी ने कहा कि सारा मीडिया में आ चुका है कि पूर्व कैबिनेट मंत्री साले मोहम्मद जो पोकरण से विधायक रहे हैं और अल्पसंख्यक विभाग के मंत्री भी रहे हैं। इन्होंने अपने कार्यकाल में अल्पसंख्यकों को बहुत मजबूत किया। मदरसों का जाल बिछाया और ऐसे लोगों को शरण भी दी तो शंका तो खड़ी होती है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें