पुस्तक का विमोचन करते मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत।
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केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने रविवार को वरिष्ठ राजस्थानी साहित्यकार एवं इतिहासकार डॉ. गोविंद सिंह राठौड़ द्वारा लिखित 'भारत की महान राष्ट्रीय विभूतियां' पुस्तक का विमोचन किया। शेखावत ने डॉ. राठौड़ को उनके शोधपूर्ण कार्य के लिए बधाई दी और कहा कि डॉ. राठौड़ निरंतर साहित्य साधना में रत हैं। उन्होंने गहन शोध और अनुसंधान के बाद तथ्यों के आधार पर यह पुस्तक लिखी है, जो पाठकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने इतिहास के अनछुए पहलुओं को उजागर करने के लिए इस प्रकार के और अधिक कार्यों की आवश्यकता जताई और युवा पीढ़ी से अपील की कि वे इन महान विभूतियों से प्रेरणा लेकर देश की सेवा में योगदान दें।
पुस्तक के लेखक डॉ. गोविंद सिंह राठौड़ ने कहा कि कई आधुनिक इतिहासकारों ने प्राचीन और मध्यकालीन इतिहास के बारे में भ्रांत धारणाएं फैलाई हैं, जिनका कोई ऐतिहासिक आधार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का स्वतंत्रता संग्राम केवल अंग्रेजी हुकूमत के समय से नहीं बल्कि पूर्व मध्यकाल में हुए विदेशी आक्रमणों के समय से शुरू हुआ था, जिनका प्रतिरोध भारतीय शासकों और आम जनता ने एकजुट होकर किया। इस तथ्य को पुस्तक में विस्तार से बताया गया है। विमोचन के दौरान डॉ. राठौड़ ने केंद्रीय मंत्री शेखावत से प्रतिहार वंश के शासकों से संबंधित ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने की अपील की। शेखावत ने इस पर सहमति व्यक्त करते हुए इस दिशा में तथ्य संग्रहण की आवश्यकता पर बल दिया।
बता दें कि डॉ. राठौड़ को राजस्थानी भाषा साहित्य और संस्कृति अकादमी, बीकानेर द्वारा सूर्यमल मिश्रण शिखर पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा, उन्होंने 'मारवाड़ की सांस्कृतिक धरोहर', 'भारतीय संस्कृति के प्रतिपालक' जैसी महत्वपूर्ण पुस्तकों का भी लेखन किया है। राज्यसभा सांसद पद्मश्री डॉ. नारायण सिंह माणकलाव, पूर्व कुलपति प्रो. गुलाब सिंह चौहान, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, डॉ. भगवान सिंह शेखावत, देवेंद्र सिंह राठौड़, सिद्धार्थ सिंह राठौड़, हर्ष वर्धन सिंह राठौड़ और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।