पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान जोधपुर पहुंचे, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने भजनलाल सरकार पर कई मुद्दों पर जमकर निशाना साधा।
एसआई भर्ती प्रक्रिया में जिलों में चयनित अभ्यर्थियों को भेजने और पेपर लीक के मुद्दे पर गहलोत ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि देशभर में 70 जगहों पर पेपर लीक हुए हैं, लेकिन सरकार इस मामले को लटकाकर माहौल खराब कर रही है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई की मांग की।
अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों को लेकर बोले
पूर्व मुख्यमंत्री ने भजनलाल सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को बंद करने के फैसले को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह एक नवाचार था, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अंग्रेजी सीखने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर दिया। इसे बंद करना शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ा झटका है।
पट्टा वितरण और ईआरसीपी समझौते पर सवाल
गहलोत ने कांग्रेस सरकार के दौरान 10-12 लाख लोगों को दिए गए पट्टों की समीक्षा पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी संपत्तियों पर निर्माण कार्य कर चुके हैं, उनके भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। ईआरसीपी समझौते को सार्वजनिक नहीं किए जाने पर भी उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
जिलों के पुनर्गठन पर बोले
गहलोत ने जिलों को खत्म करने के बजाय बढ़ाने का सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि जब मध्यप्रदेश जैसे छोटे राज्य में 53 जिले हो सकते हैं, तो राजस्थान जैसे बड़े राज्य में जिलों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
रिफाइनरी परियोजना पर चिंता
पचपदरा में रिफाइनरी को लेकर उन्होंने कहा कि राजस्थान में यह प्रोजेक्ट पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से बड़ी मुश्किल से मंजूर करवाया था लेकिन वसुंधरा राजे सरकार ने इस प्रोजेक्ट को पांच साल तक बंद रखा। उन्होंने रिफाइनरी में स्किल डेवलपमेंट पर जोर देते हुए कहा कि यदि स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित नहीं किया गया, तो इसका लाभ बाहरी राज्यों को मिलेगा।
पर्यटन को इंडस्ट्री का दर्जा देने पर चर्चा
पर्यटन को औद्योगिक दर्जा देने के फैसले पर गहलोत ने कहा कि इससे राजस्थान में पर्यटन को बढ़ावा मिला है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर निशाना साधते हुए कहा कि स्थानीय होने के नाते उन्हें जोधपुर और राजस्थान के पर्यटन क्षेत्र के लिए अधिक प्रयास करने चाहिए।
निवेश योजनाओं पर टिप्पणी
गहलोत ने सरकार के 30 लाख करोड़ के निवेश दावे पर संदेह जताते हुए कहा कि यदि 15% भी निवेश आ जाए, तो बड़ी बात होगी। उन्होंने निवेशकों के योजनाओं में जिलों के पुनर्गठन से उत्पन्न व्यवधान पर भी चिंता व्यक्त की।
गहलोत ने कहा कि जनता के हितों को ध्यान में रखकर योजनाओं को लागू करना चाहिए और कांग्रेस प्रदेश स्तर पर जनहितकारी योजनाओं को बचाने के लिए आंदोलन करेगी।