मृतकों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे मंत्री मदन दिलावर तथा स्थानीय लोग
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जोधपुर के फलोदी के मतोड़ा भारतमाला एक्सप्रेस हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 15 यात्रियों के पार्थिव शरीरों का आज अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद शवों को नैंनची बगीची से परिजनों को सौंपा गया। इसके बाद एक ही मोहल्ले से 12 शवों की अंतिम यात्रा एक साथ निकली, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल छा गया। अलग-अलग घरों से उठीं अर्थियों ने पूरे मोहल्ले और आसपास के इलाकों को गहरे शोक में डुबो दिया। शवों के मोहल्ले में पहुंचते ही परिजनों के करुण क्रंदन से वातावरण गूंज उठा।
शोक में डूबा माली समाज, लोगों ने नम आंखों से दी विदाई
इस दर्दनाक हादसे में एक ही समाज के कई परिवारों के सदस्य काल के गाल में समा गए, जिससे माली समाज में गहरा दुख और सन्नाटा पसरा हुआ है। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। परिवारजन, रिश्तेदार और समाज के लोग नम आंखों से अपने अपनों को मोक्षधाम तक विदा करते दिखे। मोहल्ले में हर ओर सन्नाटा और शोक का माहौल रहा।
प्रभारी मंत्री मदन दिलावर ने दी श्रद्धांजलि
अंतिम यात्रा से पहले राज्य सरकार के प्रभारी मंत्री मदन दिलावर ने नैंनची बगीची पहुंचकर पुष्प अर्पित किए और दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और हर संभव सरकारी सहायता का आश्वासन दिया। इसके बाद वे सर्किट हाउस में अधिकारियों और परिजनों के साथ बैठक में शामिल हुए, जहां मुआवजे की घोषणा की गई।
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राज्य सरकार की राहत घोषणा
सरकार ने जैसलमेर बस दुर्घटना की तर्ज पर फलोदी हादसे के मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा घायलों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। प्रभारी मंत्री ने कहा कि हादसे की पूरी जांच की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लोगों में आक्रोश, बोले- समय पर कार्रवाई होती तो बच जाती जानें
अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने कहा कि यदि प्रशासन ने एक्सप्रेस-वे पर समय रहते सुरक्षा उपाय किए होते, तो यह भीषण हादसा टल सकता था। स्थानीय लोगों ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया और मांग की कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
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