जोधपुर में ट्रेनों में बिना कारण चेन पुलिंग करने वाले यात्रियों के खिलाफ रेलवे ने सख्त रुख अपनाया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में 725 लोगों को गिरफ्तार किया गया तथा उनसे 2.81 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। यह कार्रवाई उत्तर पश्चिम रेलवे की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत की गई है।
जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि मंडल के वाणिज्य विभाग और आरपीएफ की संयुक्त टीमों ने इस दौरान 744 मामले दर्ज किए। इनमें से 709 मामलों का निपटारा कर लिया गया है, जबकि 33 मामले अभी जांचाधीन हैं और 2 मामलों में एफआर दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि ट्रेनों, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और संवेदनशील रेलखंडों पर विशेष निगरानी रखी गई। संयुक्त टीमों की सतर्कता के चलते कई आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया, जबकि कुछ को बाद में पहचान कर गिरफ्तार किया गया। इस अभियान का उद्देश्य ट्रेन संचालन को सुचारू बनाए रखना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना कारण चेन पुलिंग करना रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। इससे न केवल ट्रेन संचालन बाधित होता है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है। अचानक ट्रेन रुकने से पीछे आने वाली ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होती है, जिससे हजारों यात्रियों को असुविधा होती है।
रेलवे ने यह भी साफ किया है कि आगे भी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के साथ-साथ रेलवे ने जागरूकता पर भी जोर दिया है। टिकट चेकिंग स्टाफ और आरपीएफ द्वारा यात्रियों को नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। घोषणाओं, पोस्टरों और विशेष अभियानों के माध्यम से यात्रियों से अपील की जा रही है कि वे बिना कारण चेन पुलिंग न करें और सुरक्षित यात्रा में सहयोग दें।