फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jodhpur News: एएनएम भंवरी देवी हत्याकांड मामले में हाईकोर्ट सख्त, पेंशन परिलाभ रोकने पर अधिकारियों को नोटिस

Thu, 11 Sep 2025 08:41 PM IST
जोधपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

Rajasthan News:  बहुचर्चित भंवरी देवी प्रकरण में हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पेंशन और सेवा परिलाभ नहीं मिलने पर मृतका के वारिसों की ओर से दायर अवमानना याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। न्यायाधीश रेखा बोराणा की एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
विज्ञापन
भंवरी देवी अपहरण और हत्या का मामला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बहुचर्चित एएनएम भंवरी देवी मामले में राजस्थान हाईकोर्ट की न्यायाधीश रेखा बोराणा की एकलपीठ ने अवमानना याचिका पर नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह कार्रवाई इसलिए हुई क्योंकि हाईकोर्ट के आदेश के 21 महीने बीत जाने के बाद भी भंवरी देवी के वारिसों को पेंशन और सेवा परिलाभ नहीं दिए गए। हाईकोर्ट ने जोधपुर सीएमएचओ डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत, चिकित्सा सचिव गायत्री राठौड़, निदेशक (अराजपत्रित) चिकित्सा निदेशालय राकेश कुमार शर्मा, पेंशन विभाग, एलआईसी सहित अन्य अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

आदेश के बाद नहीं किया गया भुगतान

विज्ञापन

यह याचिका मृतका भंवरी देवी के पुत्र साहिल पेमावत और दोनों पुत्रियों की ओर से अधिवक्ता यशपाल खिलेरी ने दायर की। इसमें बताया गया कि 1 सितंबर 2011 को भंवरी देवी की हत्या के बाद से सेवा परिलाभ और नियमित पेंशन का भुगतान लंबित है। हाईकोर्ट ने 12 जनवरी 2024 को आदेश दिया था कि सभी बकाया सेवा परिलाभ, पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ की गणना कर चार माह के भीतर वारिसों को भुगतान किया जाए। इसके बावजूद आज तक भुगतान नहीं किया गया।

ये भी पढ़ें- Politics: राजस्थान में जासूसी विपक्ष की 'प्रेमिका', सत्ता मिलते ही सब भूले, कब किस पर लगे आरोप? नया विवाद क्या

सीएमएचओ कार्यालय भंवरी देवी को मृत मानने से इंकार कर रहा 
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि तत्कालीन जोधपुर सीएमएचओ ने 16 जनवरी 2012 को आदेश जारी कर भंवरी देवी को मृत मानते हुए सेवा से पृथक किया था। इसके बाद चिकित्सा विभाग, जयपुर ने 28 फरवरी 2012 को उनके पुत्र को अनुकंपा नियुक्ति भी दे दी थी। बावजूद इसके वर्तमान सीएमएचओ कार्यालय भंवरी देवी को मृत मानने से इंकार कर रहा है और पेंशन परिलाभ रोक रखे हैं। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद सभी संबंधित अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए।

भंवरी देवी अपहरण और हत्या का मामला

विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Rajasthan News: पांच दरिंदों ने लूटी नाबालिग की अस्मत,अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग; गर्भवती हुई तो खुली पोल
 

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें