एसीबी की गिरफ्त में तीनों आरोपित।
- फोटो : amar ujala
जैसलमेर में सड़क, नाली और फुटपाथ बनाए बिना ही करीब 66 लाख रुपए भुगतान का मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने इसका खुलासा करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
एसीबी के पुलिस अधीक्षक अजय पाल लाम्बा ने बताया कि वर्ष 2012—13 में जैसलमेर नगर परिषद ने बाडमेर रोड तिराहा से एसबीबीजे बैंक चौराहा जैसलमेर तक सड़क निर्माण के लिए 45 लाख 25 हजार 287 रुपए का ठेका सोना कंस्ट्रक्शन को दिया गया। इसमें नगरपालिका के तत्कालीन अधिशासी अभियंता लक्ष्मण पंवार, कनिष्ठ लिपिक अनिल शर्मा और कंस्ट्रक्शन कंपनी के अमृतलाल ने मिलीभगत कर बिना कार्य किए ही फर्जी तरीके से भुगतान उठा लिया। पंवार ने इसी कस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार को जैसलमेर के गीता आश्रम कच्ची बस्ती में नाली और फुटपाथ निर्माण का ठेका भी दे दिया। इसके लिए 21 लाख 47 हजार का भुगतान ठेकेदार को कर दिया।
एसीबी ने मामले में दोष साबित होने पर तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि यहां सवाल उठ रहे हैं कि आरोपित पंवार पर नगरपालिका में भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद जेडीए के निदेशक अभियांत्रिकी के पद पर नियुक्ति किस आधार पर दे दी गई।