परीक्षा में गड़बड़ी पर बड़ा एक्शन।
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राजस्थान में करीब दो हजार से अधिक सेंटर्स पर आरएएस प्री-परीक्षा आयोजित की गई थी। इस दौरान झुंझुनूं के सेंटर्स पर RAS प्री परीक्षा के दौरान गड़बड़ी की बात सामने आई थी। पेपर का लिफाफा पहले से खुला होने के कारण नो परीक्षार्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया था और इसकी शिकायत भी की। इस पर परीक्षा के समन्वयक एडीएम डॉ. अजय आर्य को जांच करने के आदेश दिए गए थे। अब उन्होंने अपनी जांच पूरा करने और परीक्षार्थियों की सुनवाई के बाद फैसला लिया है। जिस परीक्षा केंद्र पर गड़बड़ी की बात सामने आई थी। उसे ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया है। साथ ही 9 परीक्षार्थियों को एक साल के लिए डीबार भी कर दिया गया।
पहले से खुला हुआ था लिफाफा
दरअसल, बीते महीने 02 फरवरी को प्रदेश भर के 41 जिलों में आरएएस की प्री परीक्षा आयोजित हुई थी। झुंझुनूं के नवलगढ़ के बलवंतपुरा गांव में स्थित सरस्वती स्कूल में परीक्षा के दौरान गड़बड़ी की बात सामने आई। सरस्वती स्कूल के रूम नंबर 57 में परीक्षार्थियों के सामने जब पेपर का लिफाफा आया तो वो पहले से खुला मिला। नौ परीक्षार्थियों ने विरोध किया और परीक्षा से बहिष्कार कर दिया।
जांच के बाद स्कूल को किया ब्लैक लिस्ट
उस दौरान कुछ परीक्षार्थियों का आरोप था कि विरोध करने पर पुलिस ने उन पर केस लगाने की धमकी जैसे दबाव बनाए। हालांकि, परीक्षार्थियों की लिखित शिकायत और विरोध के बाद कलेक्टर रामावतार मीणा ने एडीएम डॉ. अजय आर्य को जांच करने के निर्देश दिए थे। इस पर आरपीएससी सचिव ने भी मामले की सुनवाई की। सुनवाई और जांच के बाद परीक्षा समन्वयक ने सरस्वती स्कूल बलवंतपुरा को ब्लैक लिस्ट कर दिया।
परीक्षार्थियों ने बेवजह उठाए थे सवाल
इसके साथ ही परीक्षा का बहिष्कार करने वाले 9 परीक्षार्थियों को एक साल के लिए परीक्षा से डीबार कर दिया। जानकारी के मुताबिक इस मामले में दो पर्यवेक्षकों (महेंद्र सिंह जाखड़ और राजगोपाल गोदारा) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। पहले से लिफाफा खुला होने पर पेपर लीक की आशंका की जांच पर पता चला कि केंद्राधीक्षक कक्ष में स्टील ट्रंक और पॉली पैक दोनों खुल गए थे, जबकि पॉली पैक को परीक्षा कक्ष में खोला जाना था। पॉली पैक में सभी 24 प्रश्न पत्र पूर्णतया सील थे। इसके बावजूद इन परीक्षार्थियों ने बेवजह सवाल उठाए थे, जिस पर इनके खिलाफ कार्रवाई हुई।