साठ-गाठ कर हो रहा है मरीजों का शोषण
स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण झुंझनूं में अवैध पैथोलॉजी धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं लैब संचालकों द्वारा चिकित्सकों से साठ-गाठ कर मरीजों का शोषण किया जा रहा है। दरअसल, प्रावधानों के अनुसार प्रशिक्षण लैब टेक्नीशियन को ही मरीजों की पैथोलॉजी जांच का अधिकार है। लेकिन जिले में संचालित अधिकतर पैथोलॉजी लैब में टेक्नीशियन है ही नहीं, अप्रशिक्षित कर्मियों द्वारा ही मरीजों की जांच की जा रही है।
बिना निबंधन जुर्माने का प्रावधान
बिना निबंधन के जांच घर चलाने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि यहां 76 के अलावा एक भी जांच कर निबंधन में नहीं है, जिनकी संख्या हजारों में है। जांच घरों का निबंधन नहीं होने की वजह विभागीय स्तर पर इसकी सुनवाई करने वाला भी कोई नहीं है। प्रावधानों के अनुसार, बिना निबंधन जांच घर संचालित करने पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
बताते चलें, झुंझुनूं जिले में केवल 76 पैथोलॉजी लैब व डायग्नोस्टिक सेंटर ही पंजीकृत हैं। जिला मुख्यालय में ही 300 से ज्यादा लैब कलेक्शन सेंटर की आड़ में चल रहे हैं। जिले भर में यह आंकड़ा करीब एक हजार बताया जा रहा है। इन लैब्स का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है और लोगों के सैंपल लेकर जांच की जा रही है।
न योग्यता न रजिस्ट्रेशन
लैब संचालक के लिए शासन द्वारा विधिवत नियम लागू किए गए हैं, लेकिन जिले में आश्चर्यजनक रूप से डीएमएलटी व उनके सहयोगी तक लैब संचालित कर रहे हैं। जबकि लैब संचालक एमबीबीएस, एमडी पैथोलॉजिस्ट होना चाहिए। इतना ही नहीं अवैध तरीके से संचालित हो रही लैब के पास न ही नियमानुसार पॉल्यूशन बोर्ड का रजिस्ट्रेशन है और न ही पंजीकृत मेडिकल वेस्ट फर्म का पंजीयन है।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने बढ़ा दी संख्या
अवैध पैथोलॉजी लैब के संचालन के पीछे कार्यालय में पदस्थ अमले की मिली भगत बताई जा रही है। इनके फलने-फूलने के पीछे ऐसे चिकित्सकों की भी कम भूमिका नहीं है, जो अधिक कमीशन के चक्कर में चिकित्सक इन लैबों में अपने मरीज को जांच के लिए भेज रहे हैं। कई डॉक्टर्स तो अपने क्लीनिक में ही सैंपल लेकर उन्हें लैब तक पहुंचा रहे हैं।
क्या बोले अधिकारी
चीफ मेडिकल ऑफिसर राजकुमार डांगी के मुताबिक, हमारे पास संचालित पैथोलॉजी लैब और विकर्ण सैंटर्स की संख्या कुल 76 है। इनके अलावा अवैध संचालित पैथोलॉजी लैब्स और डायग्नोस्टिक सेंटर्स की जल्द ही जांच की जाएगी। जहां-जहां भी अवैध संचालन होता पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
झुंझुनूं से अमर उजाला के लिए मो. जावेद की रिपोर्ट...