कलेक्टोरेट पर प्रदर्शन करते कार्मिक
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जनता जल योजना के कार्मिकों ने आज कलेक्टोरेट पर मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने जलदाय विभाग में सहायक पम्प चालक पदनाम के अनुसार वेतन देने की मांग की। जिला अध्यक्ष विजेंद्र सिंह शेखावत ने जानकारी देते हुए बताया कि जनता जल योजना 1994 में मुख्यमंत्री स्वर्गीय भैरोसिंह शेखावत के समय चालू की गई थी, बाद में 2011 में इसे कांग्रेस सरकार ने जलदाय विभाग से पंचायत राज विभाग में ग्राम पंचायत को सौंप दिया था।
बार-बार धरना प्रदर्शन करने के बाद 1 मई 2022 को इसे दोबारा जलदाय विभाग को सौंप दिया गया। विभाग ने इस योजना के तहत लगे कर्मचारियों को 5 अप्रैल 2023 को सहायक पम्प चालक पदनाम के आदेश जारी किए थे, लेकिन जलदाय विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण सहायक पम्प चालक पदनाम के अनुसार वेतन नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले 28 साल से इस योजना के कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है, न्यूनतम मजदूरी दर से महीने के 30 से 31 दिन काम करने के बाद भी 26 दिन के हिसाब से मजदूरी दी जा रही है। कर्मचारियों ने प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा।