राजस्व मंडल अजमेर द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने गुढ़ागौड़जी तहसीलदार रजनी यादव को एपीओ कर दिया। सीकर जिले के धोध में तहसीलदार रहते हुए भी यादव पर विधवा होने का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पाने का आरोप लग चुका है।
बताया जा रहा है कि टोडी गांव में एक जमीन को लेकर रजनी यादव पर आरोप लगाए जाने के बाद जांच में दोषी पाए जाने पर मुख्य सचिव और प्रभारी सचिव ने इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। फिलहाल 17 सीसीए में कार्रवाई विचाराधीन है। रजनी पर जनसुनवाई के दौरान भी अनुपस्थित रहने का आरोप था।
कलेक्टर की अभिशंसा के बाद राजस्व मंडल ने रजनी यादव को तत्काल सस्पेंड कर दिया। सस्पेंड होने के बाद तहसीलदार का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें रात 10 बजे तहसीलदार रजनी यादव तहसील में काम करते हुए दिखाई दीं। तहसील में कुछ लोग पहुंचे तो पिपराली सरपंच संतोष मूंड भी वहां बैठे मिले। वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के बीच झगड़े की आवाजें भी सुनाई दे रही थीं। सवाल यह कि सस्पेंड होने के बाद तहसीलदार रात को वहां क्या करने पहुंची थीं।
झुंझुनू एसडीएम सुमन का कहना है कि तहसील कार्यालय खुला होने की सूचना मिलने पर मैं वहां पहुंची तो लोग बाहर बैठे हुए थे। मेरे सामने किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई। मैं मौके से सभी रिपोर्ट बनाकर लाई हूं, जो कि कलेक्टर मैडम को जल्द ही दे दी जाएगी।