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खाकी का मानवीय चेहरा: राजस्थान के रहने वाले इस आईपीएस की हर तरफ हो रही तारीफ, अनाथ बच्चियों का बने सहारा

Mon, 28 Sep 2026 04:46 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू

सार

राजस्थान के झुंझुनू निवासी आजमगढ़ SSP ने आजमगढ़ हत्याकांड में माता-पिता को खो चुकीं दो बच्चियों के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है। उन्होंने दोनों के नाम अपनी एक महीने की सैलरी की FD कराने का ऐलान किया है। 
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एसएसपी डॉ. अनिल कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शंभूपुर गांव में हुए दर्दनाक हत्याकांड में माता-पिता को खो चुकीं दो मासूम बच्चियों की मदद के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार आगे आए हैं। मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनू जिले के अलसीसर क्षेत्र के रहने वाले 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने दोनों बच्चियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अपनी एक महीने की सैलरी उनके नाम एफडी कराने की घोषणा की है। उनकी इस पहल से प्रेरित होकर आजमगढ़ पुलिस के जवानों ने भी अपनी एक दिन की सैलरी बच्चियों को देने का फैसला किया है।
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पुलिसकर्मियों ने बढ़ाया मदद का हाथ
हत्याकांड की प्रत्यक्षदर्शी रही बच्ची को मानसिक तनाव से उबरने में मदद के लिए प्रशासन की ओर से बाल मनोचिकित्सक से उसकी काउंसिलिंग कराई जा रही है। इसके अलावा दोनों बच्चियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

शंभूपुर की घटना के बाद परिवार में अब बुजुर्ग दादी और दोनों मासूम बच्चियां ही बची हैं। ऐसे में पुलिस अधिकारी और जवानों की ओर से की जा रही मदद उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। डॉ. अनिल कुमार की इस पहल की उनके पैतृक क्षेत्र अलसीसर सहित जिले में भी चर्चा हो रही है।
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क्या था मामला?
दरअसल उप्र के शंभूपुर गांव में अरविंद सिंह नाम के व्यक्ति ने अपनी पत्नी, दो पंडितों और एक बच्चे की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने खुद को और बच्चों को एक कमरे में बंद कर लिया। पुलिस टीम ने करीब आठ घंटे तक बातचीत के जरिए बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया।

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इसी दौरान अरविंद ने अपने 10 वर्षीय बेटे को गोली मार दी और दोनों बेटियों की भी हत्या करने की धमकी दी। हालात बिगड़ने पर पुलिस अधिकारियों ने कमरे का दरवाजा तोड़कर दोनों बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की और जवाबी कार्रवाई में आरोपी की मौत हो गई।

चिकित्सक से प्रशासनिक सेवा तक का सफर
अलसीसर के रामू की ढाणी निवासी डॉ. अनिल कुमार का सफर भी खासा प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली में चिकित्सक के रूप में सेवाएं दीं। वर्ष 2009 में उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर भारतीय रेलवे यातायात सेवा में चयन हासिल किया।
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इसके बाद उन्होंने पुलिस सेवा में जाने का प्रयास जारी रखा और पांचवें प्रयास में सफलता हासिल कर 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी बने। वर्ष 2025 में उन्होंने आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में पदभार संभाला था।
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