झुंझुनूं के खरखड़ा गांव में कुंभाराम लिफ्ट परियोजना से जुड़ी जल वितरण कंपनी में कार्यरत अल्पवेतन भोगी मजदूर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। खरकड़ा निवासी मोहनलाल पुत्र गोविंदराम वाटर कैनाल का वॉल्व खोलने का काम करता है।
बता दें कि रात करीब 10 बजे गोठड़ा गांव के लिए पानी खोलने के लिए वह सीढ़ियों से अंडरग्राउंड टैंक में उतर रहा था। इसी दौरान पांव फिसलने से नीचे गिर गया। काफी देर तक भी वह घर नहीं पहुंचा, तो परिजनों ने तलाश की। तब वह अंडर ग्राउंड वाटर टैंक में गिरा हुआ मिला। लोगों ने बड़ी मशक्कत से बाहर निकाला और जयपुर के निम्स हॉस्पिटल पहुंचाया गया।
मोहनलाल की पत्नी संतोष देवी ने बताया कि उनके पति पिछले पांच दिन से कोमा में हैं। पांच बेटियों सहित आठ सदस्यों के परिवार का पालन करने वाला मजदूर मोहनलाल के परिवार के सामने संकट आ खड़ा है। एलएनटी कंपनी के ठेका कर्मी ने मजदूर की तरफ ध्यान ही नहीं दिया है।
पीड़ित मोहनलाल के बेटे रामनिवास और अशोक ने भामाशाह बसपा नेता मनोज घुमरिया को अपनी दर्द भरी दास्तां सुनाई। साथ ही एलएनटी कंपनी के कर्मचारियों की असंवेदनशीलता बताई। घुमरिया ने इस मामले में अधिकारियों को अवगत करवाते हुए पीड़ित परिवार की मदद के लिए कहा है। साथ ही खुद ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है।