झालावाड़ शहर के मंगलपुरा इलाके में 6 मार्च को एक महिला से मोबाइल छीनने की घटना के बाद पुलिस जांच के दौरान एक पुराने अंधे हत्याकांड का खुलासा हुआ है। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने बाइक सवार दो युवकों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने थाना सारोला क्षेत्र में हुई तेजपाल उर्फ भैरू की हत्या की वारदात को अंजाम देना भी स्वीकार किया।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि कोतवाली थाना पुलिस मोबाइल स्नैचिंग की घटना की जांच कर रही थी। इस दौरान आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया। फुटेज के आधार पर वारदात में शामिल दो सगे भाइयों नरेन्द्र और सुरेन्द्र की पहचान की गई और उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से महिला से छीना गया मोबाइल फोन और चोरी की बाइक भी बरामद की।
पूछताछ में सामने आया अंधा हत्याकांड
मोबाइल छीनने के मामले में आरोपियों से गहन पूछताछ की गई तो उन्होंने थाना सारोला क्षेत्र में 21 जनवरी को तेजपाल उर्फ भैरू खाईवाल निवासी खेड़ा, थाना खानपुर, जिला झालावाड़ की हत्या करने की बात स्वीकार की। इस मामले में पहले ही सारोला थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर रखी थी।
कई जगहों से बाइक चोरी करने की बात स्वीकार
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी काफी शातिर किस्म के अपराधी हैं और हत्या की घटना के बाद लगातार अलग-अलग जगहों पर छिपते फिर रहे थे। इस दौरान वे मोबाइल छीनने और बाइक चोरी जैसी वारदातों को भी अंजाम दे रहे थे। पूछताछ में उन्होंने झालावाड़ शहर, झालरापाटन, सारोला, खानपुर और कोटा के बोरखेड़ा क्षेत्र से 5 बाइक चोरी करने की बात भी स्वीकार की। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 3 चोरी की बाइक और 2 बाइक के चेसिस बरामद किए हैं।
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हत्या में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि नरेन्द्र और सुरेन्द्र ने अपने साथी गोकुल पुत्र द्वारकालाल निवासी हरिगढ़ खेड़ा, खानपुर के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी गोकुल की तलाश कर रही है। हत्या के मामले की आगे की जांच थानाधिकारी खानपुर द्वारा की जा रही है।
गांजा बेचने को लेकर थी पुरानी रंजिश
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने गांव में गांजा बेचने का काम करते थे और उनका साथी गोकुल भी इस काम में शामिल था। गांव का भैरू उर्फ तेजपाल भी गांजा बेचता था और वह उनसे सस्ती गांजे की पुड़िया बेचता था, जिससे उसकी बिक्री ज्यादा हो रही थी और उनका नुकसान होने लगा था। इसी को लेकर उनके बीच विवाद बढ़ गया। आरोपियों ने बताया कि इसी रंजिश के चलते उन्होंने गोकुल के साथ मिलकर तेजपाल उर्फ भैरू को नशा करने के बहाने जंगल में बुलाया और उसकी हत्या कर दी।