भीलवाड़ा नगर निगम में भाजपा की जसवंत कंवर निर्विरोध महापौर चुनी गईं। निर्दलीय प्रत्याशी संतोष कंवर ने नामांकन वापस ले लिया। 38 वर्षीय जसवंत कंवर नगर निगम की पहली महिला महापौर बनीं। भाजपा के 45 पार्षद हैं, जिससे बोर्ड में पार्टी का बहुमत है।
भीलवाड़ा नगर निगम की राजनीति में गुरुवार को नया अध्याय जुड़ गया। भाजपा की महापौर प्रत्याशी जसवंत कंवर निर्विरोध महापौर निर्वाचित हुईं। महापौर पद के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करने वाली वार्ड-10 की पार्षद संतोष कंवर ने गुरुवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद मैदान में अकेली बचीं जसवंत कंवर को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
जसवंत कंवर के निर्विरोध निर्वाचन के साथ ही भीलवाड़ा नगर निगम को पहली महिला महापौर मिली है। इससे पहले बुधवार को भाजपा ने वार्ड-9 से निर्वाचित जसवंत कंवर को महापौर पद का प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने सांसद दामोदर अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा सहित पार्टी नेताओं की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया था। कांग्रेस की ओर से महापौर पद के लिए कोई नामांकन दाखिल नहीं किया गया था।
संतोष कंवर की नाम वापसी से बदला समीकरण
महापौर चुनाव में भाजपा की जसवंत कंवर और निर्दलीय संतोष कंवर के बीच मुकाबला होने की स्थिति बन गई थी। संतोष कंवर वार्ड-10 से निर्दलीय पार्षद चुनी गई थीं और उन्होंने महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। गुरुवार को संतोष कंवर ने भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा के साथ नगर निगम पहुंचकर अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके साथ ही महापौर पद का चुनाव निर्विरोध हो गया और जसवंत कंवर के नाम पर मुहर लग गई।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा ने संतोष कंवर के नाम वापस लेने को महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताते हुए उनका आभार जताया। उनके अनुसार, संतोष कंवर भाजपा से जुड़ी रही हैं और पार्टी की विचारधारा में विश्वास रखते हुए उन्होंने नामांकन वापस लिया।
70 वार्डों में भाजपा के 45 पार्षद
नगर निगम चुनाव में भाजपा ने 70 में से 45 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि 15 वार्डों में निर्दलीय और 10 वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशी विजयी हुए। भाजपा को मिले इस बहुमत के बाद महापौर पद पर पार्टी के प्रत्याशी की स्थिति मजबूत थी। इसी चुनाव में वार्ड-9 से भाजपा प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरीं जसवंत कंवर ने 2165 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। परिणामों के अनुसार, यह नगर निगम चुनाव में सबसे बड़े जीत अंतर में शामिल रहा।
एमए इतिहास तक पढ़ाई, पहली बार बनीं पार्षद
38 वर्षीय जसवंत कंवर पहली बार चुनावी राजनीति में उतरीं और सीधे नगर निगम की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी तक पहुंचीं। उन्होंने बीए राजनीति विज्ञान और एमए इतिहास की पढ़ाई की है। उनका जन्म भीलवाड़ा जिले के आसींद विधानसभा क्षेत्र के लाछूड़ा गांव में हुआ। उनका विवाह भीलवाड़ा परिवार में हुआ है। उनके पति भूपेंद्र सिंह भाजपा से जुड़े हैं और जिला प्रवक्ता के रूप में संगठन में सक्रिय हैं। वार्ड-9 में जसवंत कंवर की बड़ी जीत के बाद भाजपा ने उन्हें महापौर पद के लिए अपना प्रत्याशी बनाया।
महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता
निर्विरोध महापौर चुने जाने के बाद जसवंत कंवर ने भाजपा नेतृत्व और संगठन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि महिला होने के नाते उनकी प्राथमिकताओं में महिला सशक्तिकरण प्रमुख रहेगा। केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को शहरी क्षेत्र में प्रभावी तरीके से लागू करवाने और अंतिम पंक्ति की महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर काम करने की बात उन्होंने कही। महापौर के रूप में अब उनके सामने शहर की सफाई, पेयजल, सड़क, यातायात, जल निकासी, नगरीय विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
बहुमत वाले बोर्ड की संभालेंगी कमान