किरोड़ीलाल मीणा ने तीन फैक्टरियों में छापा मारा
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जालौर जिले के सांचौर में बुधवार को कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने खाद और बीज निर्माण की तीन फैक्टरियों पर छापामारी कर गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया। जांच में पाया गया कि इन फैक्टरियों में प्रतिबंधित बायोस्टिमुलेंट खाद तैयार की जा रही थी, जबकि किसानों के लिए भेजे गए सब्सिडी वाले यूरिया को दूसरे कट्टों में भरकर इंडस्ट्रीज को महंगे दामों पर बेचा जा रहा था। कार्रवाई सुबह से दोपहर तक चली। मंत्री मीणा ने मौके पर पहुंचकर फैक्टरी मालिकों को तलब किया और अधिकारियों को सैंपल जांच के निर्देश दिए।
‘स्वास ग्रीन एग्रीटेक इंडिया’ में प्रतिबंधित खाद जब्त
मंत्री किरोड़ी मीणा की टीम ने सबसे पहले ‘स्वास ग्रीन एग्रीटेक इंडिया’ नामक फैक्टरी पर छापा मारा। यहां बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित बायोस्टिमुलेंट खाद बरामद की गई। जांच में यह भी सामने आया कि फैक्टरी बिना लाइसेंस के खाद तैयार कर रही थी। मंत्री मीणा ने फैक्ट्री मालिक महिपाल सिंह को मौके पर बुलाया और चेतावनी दी कि यदि वे उपस्थित नहीं हुए तो फैक्टरी को सील कर दिया जाएगा।
किसानों के लिए भेजा गया यूरिया इंडस्ट्रीज को बेचा जा रहा था
इसके बाद मंत्री दोपहर 12:30 बजे ‘दिनेश एग्रो’ फैक्टरी पहुंचे। यहां जांच में सामने आया कि किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाला यूरिया इंडस्ट्रीज को महंगे दामों में बेचा जा रहा था। फैक्टरी पर किसी कंपनी का बोर्ड नहीं था, जबकि गोदामों में हजारों बिना नाम के बैग भरे हुए मिले। मंत्री मीणा ने बताया कि मशीन में स्टॉक जीरो दिखाया जा रहा था, जबकि मौके पर करीब 30 हजार बैग मौजूद थे।
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बिना नाम की फैक्टरी में ब्लैक में बिकता यूरिया
करीब डेढ़ बजे मंत्री एक और बिना नाम की फैक्टरी पहुंचे, जहां IPL लिखे पीले कट्टों से यूरिया निकालकर सफेद कट्टों में भरने का काम चल रहा था। यह यूरिया, जो किसानों को सब्सिडी के बाद 300 रुपये प्रति बैग में मिलता है, फैक्टरियां इंडस्ट्रीज को 500 से 600 रुपये में बेच रही थीं। मंत्री मीणा ने इसे किसानों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ बताया और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंत्री ने दिए सैंपल जांच और कार्रवाई के निर्देश
किरोड़ी मीणा ने कहा कि किसानों का हक छीनने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संदिग्ध फैक्टरियों की जांच की जाए, सैंपल लैब में भेजे जाएं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मंत्री की इस कार्रवाई से प्रशासन में हलचल मच गई और जांच दलों ने मौके पर फैक्टरियों की सीलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी।
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