जालोर में शिक्षक की पिटाई से मौत के बाद सियासत गरमा गई है। दूसरी ओर पीड़ित परिवार के घर नेताओं के आने का सिलसिला जारी है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, मंत्री गोविंदराम मेघवाल, मंत्री भजनलाल जाटव, सचिन पायलट मंगलवार को सुराणा गांव आएंगे। वहीं राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा को सुराणा गांव आने से रोक दिया गया है।
टंकी पर चढ़े दलित नेता
दूसरी ओर समाज और नेता इंद्र मेघवाल के परिवार को 50 लाख मुआवजा और दो सरकारी नौकरियों की मांग की जा रही है। जयपुर में तीन दलित नेता पानी की टंकी पर चढ़ गए हैं। नेताओं ने मांग उठाई कि सरकार मुआवजा बढ़ाए और परिवार के दो लोगों को नौकरी दे।
मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष आएंगे आज जालोर
राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष और राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस जीके व्यास का भी जालोर के दौरे पर आने का कार्यक्रम है। व्यास दोपहर दो बजे सुराणा पहुंचेंगे और पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे। पीड़ित परिवार से बातचीत के बाद खिलाड़ी लाल बैरवा ने सरकार के मुआवजे पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए की मदद और परिवार के 1 सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई थी।
सोमवार को गहलोत सरकार के चार मंत्री सुराणा गांव पहुंचे थे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली, श्रम मंत्री सुखराम बिश्नोई, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष खिलाड़ी लाल बैरवा और जनअभाव अभियोग निराकरण समिति (पब्लिक डेप्रवेशन रिड्रेसल कमेटी) के अध्यक्ष पुखराज पाराशर ने पीड़ित सुराणा पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बढ़ाया।
राजस्थान में 2023 में विधानसभा चुनाव होने है। राजस्थान में 31 फीसदी वोटर एससी-एसटी कैटगरी वर्ग के है। राजस्थान विधानसभा में 59 सीट रिजर्व कैटेगरी में आती है, जो कि बहुमत के लिए जरूरी आकड़े की 59 फीसदी है, एसे में दलित वोट बैंक को साधना दोनों ही पक्षों के लिए बेहद जरूरी है। ऐसे में दलित छात्र की मौत पर जमकर सियासत जारी है।
क्या है मामला
जालोर के सायला थाना क्षेत्र के सुराणा गांव के नौ साल के इंद्र मेघवाल की शिक्षक की पिटाई से मौत हो गई। इंद्र सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ता था। 20 जुलाई को बच्चे ने स्कूल में रखे एक मटके से पानी पी लिया था। इस बात पर शिक्षक छैल सिंह ने उसकी पिटाई कर दी। मासूम को गंभीर हालत में उदयुपर और अहमदाबाद में ले जाया गया। 24 दिन चले इलाज के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। शनिवार शाम को बच्चे की मौत के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक को हिरासत में लिया और फिर गिरफ्तार कर लिया।