प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम जल जीवन मिशन में हुए भ्रष्टाचार की जांच कर रही है। ईडी की टीम ने जयपुर में संदिग्धों के बैंक लॉकरों की तलाशी के दौरान 5.86 करोड़ का सोना और चांदी जब्त की है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि भ्रष्टाचार में शामिल व्यक्तियों के लॉकरों की मंगलवार को तलाशी ली गई थी।
अधिकारियों ने अनुसार 12 सितंबर को ईडी की टीम ने लॉकरों की तलाशी में 5.83 करोड़ रुपये की कीमत का 9.635 किलो सोना और 3.90 लाख रुपए की कीमत की 6.349 किलो चांदी जब्त की है। अब तक इस मामले में 8.82 करोड़ का माल जब्त किया जा चुका है। जिसमें 6.50 करोड़ रुपए का सोना और चांदी है।
जानकारी के मुताबिक मामले में दो आरोपियों के लॉकर से सोना मिला है। ओपी विश्वकर्मा के जयपुर स्थित पीएनबी के लॉकर से 4.84 करोड़ की कीमत का 8 किलो सोना मिला है। वहीं, अमिताभ कौशिक के जयपुर पीएनबी लॉकर से 1.5 किलो सोना मिला है, जिसकी कीमत 1.02 करोड़ रुपये है।
दरअसल, ईडी ने राजस्थान एसीबी के एफआईआर दर्ज करने के बाद इस मामले की जांच शुरू की थी। जिसमें पदमचंद जैन समेत व्यक्तिगत ठेकेदारों और अन्य के खिलाफ निविदाएं प्राप्त करने, बिलों को मंजूरी देने और अनुबंधों से संबंधित अनियमितताओं को छिपाने के लिए लोक सेवकों को रिश्वत देने का आरोप था।
इसके अलावा भाजपा के राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा ने जून 2023 में राजस्थान में जल जीवन मिशन में 20,000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप भी लगाया था। उन्होंने कहा था कि योजना की 48 परियोजनाओं में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर दो फर्मों को 900 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए गए थे। किरोड़ीलाल मीना ने आरोप लगाया था कि पीएचईडी मंत्री और विभाग के सचिव ने जल जीवन मिशन के तहत 20,000 करोड़ रुपये का घोटाला किया है। जल जीवन मिशन का लक्ष्य घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। पीएचईडी विभाग इसका काम कर रहा है।