राजस्थान के जैसलमेर, अलवर और दौसा में सरकारी कार्यालयों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियों के लगातार सामने आने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। तीनों स्थानों पर अलग-अलग समय पर मिली इन धमकियों ने एक समान पैटर्न की ओर संकेत किया है, जहां हर बार अलर्ट जारी हुआ, परिसर खाली कराए गए और व्यापक जांच के बाद कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
जैसलमेर में पासपोर्ट कार्यालय खाली कराया गया
जैसलमेर शहर में पासपोर्ट सेवा केंद्र को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। सुबह करीब 11 बजे आए इस मेल में परिसर में कई जगह विस्फोटक होने का दावा किया गया था। सूचना मिलते ही दोपहर 12 बजे तक कार्यालय और उसी परिसर में स्थित मुख्य डाकघर को खाली करवा दिया गया। पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अन्य एजेंसियों ने घेराबंदी कर दो से तीन घंटे तक सघन तलाशी ली, लेकिन कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। प्राथमिक जांच में इसे फर्जी धमकी माना गया, हालांकि साइबर जांच जारी है।
अलवर में दोबारा मिली धमकी
अलवर शहर के मुख्य पोस्ट ऑफिस और पासपोर्ट कार्यालय को भी बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला, जिससे हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और जांच एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर की गहन तलाशी ली। पोस्ट मास्टर रतन लाल मीणा के अनुसार, इससे पहले भी 15 से 20 दिन पहले इसी तरह का मेल मिला था, जिसमें भी जांच के दौरान कुछ नहीं मिला था। इससे पहले मिनी सचिवालय को भी कई बार ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं।
दौसा में एक महीने में दूसरी बार अलर्ट
दौसा जिला मुख्यालय स्थित मुख्य डाकघर को भी ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। मार्च महीने में यह दूसरी बार है जब ऐसी सूचना सामने आई। जयपुर स्थित हेड ऑफिस को भेजे गए ईमेल के बाद स्थानीय प्रशासन को अलर्ट किया गया और तुरंत परिसर खाली कराया गया। पुलिस ने पूरे भवन और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया, जिसमें कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इससे पहले 10 मार्च को भी इसी तरह की धमकी दी गई थी।
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हर बार तलाशी, हर बार राहत
तीनों शहरों में सुरक्षा एजेंसियों ने हर बार तत्परता दिखाते हुए परिसर खाली कराए, तलाशी अभियान चलाया और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की। हालांकि हर बार जांच में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिलने से इन मामलों को फर्जी धमकी माना जा रहा है, लेकिन बार-बार दोहराए जा रहे ऐसे घटनाक्रम ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
साइबर जांच पर टिकी नजर
पुलिस और साइबर टीमें अब इन ईमेल्स के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। आईपी एड्रेस ट्रेस करने और तकनीकी साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि धमकी देने वाले तक पहुंचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की हरकतें कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आमजन में डर, प्रशासन की अपील
लगातार मिल रही धमकियों से सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों में चिंता का माहौल बना है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। साथ ही सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें साझा न करने की भी सलाह दी गई है।