राजस्थान में लोकसभा चुनावों के दूसरे चरण का प्रचार 24 अप्रैल को खत्म हो जाएगा। इसके बाद 26 को वोटिंग होनी है। यहां बाड़मेर-जैसलमेर सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला है। भाजपा और कांग्रेस के बीच इस बार निर्दलीय रविंद्र सिंह भाटी भी ताल ठोक रहे हैं। उनका सोशल मीडिया पर भारी क्रेज है।
हालांकि चुनावों से पहले भाजपा ने भाटी को मनाने की काफी कोशिशें की थीं। वहीं भाटी का कहना है कि संवाद उनका आज भी सब से है, लेकिन जनता का आदेश था इसलिए भाटी मैदान में हैं। आइए जानते अमर उजाल से भाटी की विशेष बातचीत के बारे में...
सवाल: जैसलमेर में सेब(रविंद्र सिंह भाटी का चुनाव चिह्न) थोड़े ज्यादा डिमांड में हैं?
जवाब: बिल्कुल सेब तो पूरे जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा और हर जिले में डिमांड में है। वैसे भी बढ़ना ही है। जनता का आशीर्वाद जो मिल रहा है।
सवाल: आपका रोड शो देखा तो देवानंद का एक गाना याद आ गया?
जवाब: सभी ने गले भी लगाया, सभी ने आशीर्वाद भी दिया और 26 तारीख को पेटियां फुल करके भी भेजेंगे। संवाद मेरे सभी से आज भी हैं। ठीक है, स्थितियां-परिस्थितयां बनती रहती है। जनता का आदेश था इसलिए रविंद्र मैदान में है।
सवाल: कहावत है कि जितनी चादर उनते पैर-क्या रविंद्र सिंह की डिक्शनरी में ये कहावतें हैं?
जवाब: जनता का जो आदेश था रविंद्र वही करता है। लोगों का आदेश था मैं आया। विधानसभा का चुनाव आया। कई तरह की स्थितियां-परिस्थितियां बनीं। लोगों ने कहा चुनाव लड़ो। मैंने कहा कि इतना बड़ा मैकेनिज्म नहीं है तो लोगों ने कहा कि चुनाव हम लड़ेंगे। ये जनता है, जिन्होंने रविंद्र को फर्श से अर्श पर पहुंचाया है।
सवाल: एक तरफ भाजपा, दूसरी तरफ कांग्रेस और बीच में एक युवा जो अपनी जिद पर अड़ा हुआ है। कैसे देखते हैं इसे?
जवाब: मुझे विश्वास है कि जैसलमेर-बाड़मेर की जनता मुझे आशीर्वाद देगी। आने वाले 4 जून का दिन एक ऐतिहासिक दिन होगा और मुझे जनता की सेवा करने का मौका मिलेगा।
सवाल: भाजपा के कैलाश चौधरी कहते हैं कि केवल फेसबुक और सोशल मीडिया पर थोड़ा बहुत करने से चुनाव थोड़ी जीता जाता है?
जवाब: ठीक बात है…ये तो 4 जून को पता चल जाएगा कि कौन फेसबुक पर है और कौन धरातल पर है… और रही बात थोड़ी बहुत तो आपने जनता का प्यार और आशीर्वाद देखा, उससे स्थितियां स्पष्ट हैं।
सवाल: आपने अपने भाषण में ढाई किलो के हाथ का जिक्र किया, वो क्या था?
जवाब: मैं सुन रहा हूं कि यहां बहुत से सेलिब्रिटी आएंगे। सनी देओल का भी नाम लिया जा रहा है। उनके लिए कहा जाता है कि ढाई किलो का हाथ है। मैं कहता हूं कि ढाई किलो का हाथ होगा, लेकिन हमारे लिए तो यह पाव भर की अंगुली ही काफी है क्योंकि ईवीएम पर बटन तो यही दबाएगी।