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Jaisalmer: शादी के 11 महीने बाद विवाहिता की मौत, पिता बोले- बेटी की हत्या की, अंतिम संस्कार के दिन दी जानकारी

Thu, 19 Jun 2025 09:59 PM IST
जैसलमेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर

सार

गंगासिंह ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी की शादी भी इसी परिवार के बड़े बेटे से हुई थी। पहले उन्होंने यह सोचकर चुप्पी साध ली कि कहीं बड़ी बेटी का ससुराल प्रभावित न हो, लेकिन छोटी बेटी के साथ हुए अन्याय को वह बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।
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अंतिम संस्कार के दिन पीहर पक्ष को दी जानकारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान के बालोतरा जिले के डोली गांव में 22 साल की नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शादी के 11 महीने बाद नवविवाहिता खुशबू कंवर का शव कमरे में फंदे पर लटका मिला। हालांकि, मृतका के पिता गंगासिंह राजपुरोहित ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। हत्या कर उसे फंदे पर लटकाया गया है। उन्होंने दावा किया कि खुशबू के गले, मुंह, पेट, घुटनों और आंखों के आसपास स्पष्ट चोट के निशान हैं, जो वीडियो और तस्वीरों में भी दिखाई दे रहे हैं।

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दरअसल, खुशबू कंवर की शादी 11 जुलाई 2024 को डोली निवासी भोमसिंह राजपुरोहित से हुई थी। भोमसिंह अपने बड़े भाई के साथ हनुमानगढ़ जिले के रावतसर कस्बे में मिठाई की दुकान चलाते हैं, जहां खुशबू भी उनके साथ रहती थी। पिता गंगासिंह ने बताया कि 16 जून को खुशबू रावतसर स्थित मकान में फंदे से लटकी मिली। हमें जानकारी दिए बिना उसका शव डोली गांव लाया गया और 17 जून को अंतिम संस्कार कर दिया गया। खुशबू की मौत की जानकारी हमें अंतिम संस्कार वाले दिन दी गई। परिवार के कुछ सदस्यों को बुलाकर, बिना पोस्टमार्टम के जल्दबाजी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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एक ही घर में दो बेटियों, चुप नहीं रह सकता
गंगासिंह ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी निरमा की शादी भी इसी परिवार के बड़े बेटे नारायणसिंह से हुई थी। पहले उन्होंने यह सोचकर चुप्पी साध ली कि कहीं बड़ी बेटी का ससुराल प्रभावित न हो, लेकिन छोटी बेटी के साथ हुए अन्याय को वह बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। 18 जून को उन्होंने ग्रामीणों को संगठित कर एक बस के माध्यम से डोली गांव पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि अगर मेरी बेटी ने आत्महत्या की होती तो शरीर पर इतने चोट के निशान क्यों थे? गले पर कसाव, आंखों के नीचे सूजन और मुंह पर चोटें इस बात की पुष्टि करती हैं कि उसकी मौत सामान्य नहीं है। मेरी बेटी को बेरहमी से मारा गया है।
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चाय की दुकान हैं पिता   
गंगासिंह राजपुरोहित, धर्मधारी गांव के रहने वाले हैं। वे गाजण माता मंदिर के बाहर एक चाय का छोटा-सा केबिन चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनके परिवार में पांच बेटियां और एक 17 वर्षीय बेटा है। खुशबू तीसरे नंबर की थी, उसने बीए किया था। 

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