भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे सामरिक महत्व वाले जैसलमेर जिले में मंगलवार को आयकर विभाग ने भूमि रजिस्ट्रियों से जुड़े मामलों की व्यापक जांच शुरू की। उदयपुर और जैसलमेर आयकर विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने अचानक जिला मुख्यालय स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचकर वर्ष 2024 और 2025 के भूमि पंजीयन रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी। कार्रवाई के दौरान कार्यालय में उपलब्ध रजिस्ट्रियों, वित्तीय दस्तावेजों और संबंधित अभिलेखों का बारीकी से सत्यापन किया गया।
रिकॉर्ड खंगालने में जुटी आठ सदस्यीय टीम
करीब आठ सदस्यीय टीम ने कार्यालय पहुंचते ही आवश्यक रिकॉर्ड परीक्षण के लिए अलग करवाए और विभिन्न रजिस्ट्रियों से जुड़े दस्तावेजों का मिलान शुरू किया। जांच के दौरान अधिकारियों ने कई फाइलों और अभिलेखों की विस्तार से पड़ताल की। विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि भूमि खरीद-फरोख्त के दौरान आयकर अधिनियम और अन्य वित्तीय नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
पैन कार्ड के बिना हुई रजिस्ट्रियां जांच के दायरे में
सूत्रों के अनुसार जांच का प्रमुख फोकस उन भूमि सौदों पर है, जिनमें निर्धारित नियमों के अनुरूप पैन कार्ड का उपयोग नहीं किया गया या दस्तावेजों में गलत अथवा भ्रामक जानकारी दर्ज कराई गई। ऐसे मामलों में प्रत्येक प्रविष्टि का मिलान किया जा रहा है। टीम यह भी जांच रही है कि कहीं वास्तविक खरीद मूल्य छिपाकर कम कीमत दर्शाने या अन्य तरीकों से वित्तीय जानकारी को प्रभावित करने का प्रयास तो नहीं किया गया।
2024-25 के बड़े भूमि सौदों पर विशेष नजर
आयकर विभाग की संयुक्त टीम विशेष रूप से वर्ष 2024 और 2025 में हुई भूमि रजिस्ट्रियों के रिकॉर्ड पर ध्यान केंद्रित किए हुए है। बताया जा रहा है कि अधिकारी इन वर्षों में हुए बड़े और संदिग्ध लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों का अलग-अलग परीक्षण कर रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित पक्षों से भी जानकारी ली जा सकती है।
दो दिन तक चलेगी जांच
जानकारी के अनुसार जांच टीम जैसलमेर में दो दिन तक रुककर रिकॉर्ड का परीक्षण करेगी। इस दौरान दस्तावेजों का सत्यापन, रजिस्ट्रियों का मिलान और वित्तीय लेनदेन से जुड़े तथ्यों का विश्लेषण किया जाएगा। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित मामलों में आगे कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
सीमावर्ती जिले में बड़े सौदे भी जांच के घेरे में
सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण जैसलमेर में बड़े भूमि सौदों पर पहले से विभिन्न एजेंसियों की नजर रहती है। आयकर विभाग यह भी जांच कर रहा है कि कहीं जमीन खरीद-फरोख्त के माध्यम से अघोषित धन का उपयोग तो नहीं किया गया। विभाग संदिग्ध लेनदेन की पूरी वित्तीय श्रृंखला, धन के स्रोत और भुगतान के तरीके का सत्यापन कर रहा है।
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आधिकारिक बयान का इंतजार
संयुक्त टीम के अचानक पहुंचने से सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में दिनभर सामान्य से अधिक गतिविधियां देखने को मिलीं। अधिकारी रिकॉर्ड की जांच में व्यस्त रहे, जबकि कर्मचारियों ने उन्हें आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए और सत्यापन में सहयोग किया। फिलहाल आयकर विभाग या स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। यदि नियमों के उल्लंघन, गलत जानकारी के आधार पर रजिस्ट्री या आयकर संबंधी प्रावधानों की अनदेखी के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।