जैसलमेर जिले की मोहनगढ़ थाना पुलिस और नाचना थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर नकली नोटों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बिहार और उत्तर प्रदेश के रहने वाले दो युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 67 हजार रुपये मूल्य के 500-500 के जाली नोट बरामद किए हैं। दोनों युवक इन नोटों से बकरियां खरीदने की कोशिश कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।
ई-मित्र केंद्र से खुला राज
जानकारी के मुताबिक, यह मामला उस समय सामने आया जब मोहनगढ़ कस्बे के एक ई-मित्र संचालक असरूद अली ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि 17 अगस्त को एक युवक उसके ई-मित्र केंद्र आया और 14 हजार रुपये अपने खाते में फोन पे से ट्रांसफर करवाए। बदले में उसने 500-500 के नोट दिए। उसी दिन शाम को वह युवक दोबारा आया और करीब 10 हजार रुपये का और लेन-देन किया। शुरुआत में नोट सामान्य लगे, लेकिन अगले दिन मशीन से जांच कराने पर नौ नोट नकली पाए गए। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
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पुलिस की त्वरित कार्रवाई और दबिश
जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया। एएसपी कैलाशदान जुगतावत, वृत्ताधिकारी रूपसिंह ईन्दा, गजेन्द्रसिंह चम्पावत और डीसीआरबी प्रभारी भीमराव सिंह ने मिलकर आरोपियों की तलाश शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी और आखिरकार नाचना थाना क्षेत्र के नहरी इलाके में दोनों आरोपियों को बकरियां खरीदते समय पकड़ लिया।
आरोपियों की पहचान और बरामद नकली नोट
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद कुमैल उर्फ धनु पुत्र नजमुल कुरैशी (निवासी चन्द्रगामा, थाना बाईसी, जिला पूर्णिया, बिहार) और उस्मान पुत्र इरफान कुरैशी (निवासी गंगोह, थाना गंगोह, जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। पुलिस ने उनके कब्जे से 125 जाली नोट (62,500 रुपये) और नकली नोटों से हुए लेन-देन में बची राशि मिलाकर कुल 67 हजार रुपये बरामद किए।
पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी 11 अगस्त को बिहार से जैसलमेर आए थे। उनका मकसद नहरी बेल्ट से बकरियां खरीदकर बिहार ले जाना था। इसी दौरान उन्होंने स्थानीय ई-मित्र केंद्रों पर भी जाली नोटों का इस्तेमाल करने की कोशिश की। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह जाली करेंसी उन्हें कहां से मिली और इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है या नहीं।
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इस पूरी कार्रवाई में नाचना थाना प्रभारी भुटाराम, डीएसटी प्रभारी हेड कांस्टेबल भीमराव सिंह, कॉन्स्टेबल खेतपाल सिंह, अशोक कुमार और हजारसिंह की अहम भूमिका रही।
सख्त कार्रवाई का आश्वासन
एसपी अभिषेक शिवहरे ने कहा कि नकली नोटों का मामला गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। जिले में ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि उन्होंने अब तक किन-किन जगहों पर नकली नोटों का इस्तेमाल किया।