जैसलमेर के पूर्व रियासत परिवार के सदस्य चैतन्यराज सिंह ने एनसीईआरटी की आठवीं की पाठ्य पुस्तक में जैसलमेर को तत्कालीन मराठा साम्राज्य का हिस्सा दिखाए जाने पर एक ट्वीट करके आपत्ति दर्ज कराई है।
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एनसीईआरटी की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्य पुस्तक में ऐतिहासिक तथ्यों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जैसलमेर के पूर्व रियासत परिवार के सदस्य चैतन्यराज सिंह ने एक ट्वीट करके किताब में प्रकाशित मानचित्र पर कड़ी आपत्ति जताई है।
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चैतन्यराज सिंह ने लिखा है कि कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक (यूनिट 3, पृष्ठ संख्या 71) में दर्शाए गए मानचित्र में जैसलमेर को तत्कालीन मराठा साम्राज्य का हिस्सा दिखाया गया है, जो ऐतिहासिक रूप से भ्रामक, तथ्यहीन और अत्यंत आपत्तिजनक है। यह मात्र एक पाठ्यपुस्तक की त्रुटि नहीं, बल्कि हमारे पूर्वजों की कुर्बानियों, संप्रभुता और शौर्यगाथा को धूमिल करने का प्रयास प्रतीत होता है।
उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इसे जल्द से जल्द सुधारने की मांग की है। चैतन्यराज सिंह ने कहा कि यह मसला केवल जैसलमेर की बात नहीं बल्कि इतिहास की सच्चाई से जुड़ा है, जिसे तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करना छात्रों के लिए ग़लत संदेश देगा।
इस ट्वीट के बाद जैसलमेर सहित पूरे राजस्थान में इतिहासप्रेमियों और स्थानीय लोगों में रोष देखने को मिल रहा है। अब एनसीईआरटी और शिक्षा मंत्रालय इस पर क्या कदम उठाते हैं, इसका इंतजार है।