प्रदेश का सीमावर्ती जैसलमेर जिला एक शर्मनाक और चौंकाने वाले घटनाक्रम को लेकर चर्चा में है। यहां एक महिला पर्यटक द्वारा एक 70 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति के साथ अश्लील वीडियो शूट करने और फिर उसके सोशल मीडिया पर वायरल होने की घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हिलाकर रख दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह वीडियो किसी सूनसान रेगिस्तानी इलाके का है, जहां एक महिला और उसके साथी ने पास ही मवेशी चरा रहे एक वृद्ध व्यक्ति को बुलाकर उसके साथ अश्लील हरकतें कीं और इसे कैमरे में रिकॉर्ड कर वायरल कर दिया। यह वीडियो किस उद्देश्य से बनाया गया, इसमें बुजुर्ग की सहमति थी या नहीं और इसे किसने वायरल किया इन सभी पहलुओं की अब जांच की जा रही है।
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वीडियो के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जोधपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए तनोट थाना पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए हैं। तनोट थाना प्रभारी ओमकरण चारण ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत आईटी एक्ट में प्रकरण दर्ज कर लिया है और वीडियो के तकनीकी विश्लेषण के साथ-साथ वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान और उनकी भूमिका को लेकर जांच प्रारंभ कर दी गई है।
जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया पर इस प्रकार की आपत्तिजनक और अभद्र सामग्री प्रसारित करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति ऐसे वीडियो को शेयर, लाइक या फॉरवर्ड करता पाया जाएगा, उसके खिलाफ आईटी एक्ट के अंतर्गत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि कोई भी इस तरह के वीडियो को प्रसारित न करे और यदि किसी को ऐसा कोई वीडियो मिलता है तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में इसकी सूचना दे।
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उन्होंने कहा कि जैसलमेर साइबर सेल को भी इस मामले में सक्रिय किया गया है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी बढ़ा दी गई है। सभी संदिग्ध अकाउंट्स की पहचान की जा रही है, जिनके माध्यम से यह वीडियो वायरल हुआ है। किसी भी व्यक्ति को बिना प्रमाण और अनुमति के अश्लील सामग्री अपलोड करना, प्रसारित करना या उसे भेजना भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।
यह घटना एक ऐसे शहर से जुड़ी है, जो अपनी सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक इमारतों और मरुस्थलीय सौंदर्य के लिए पूरे विश्व में जाना जाता है। यहां हर साल लाखों देशी-विदेशी पर्यटक यहां आते हैं, ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं न केवल समाज में नैतिक गिरावट को दर्शाती हैं बल्कि शहर की सकारात्मक पर्यटन छवि को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
मामले में पुलिस विभाग और पर्यटन विभाग ने संयुक्त रूप से एक अपील जारी की है कि जैसलमेर जैसे पर्यटन स्थलों पर आने वाले सभी पर्यटक यहां की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मर्यादा का आदर करें। अश्लीलता फैलाने या किसी भी प्रकार की अमर्यादित गतिविधियों में शामिल होने वाले व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही आमजन से भी अपील की गई है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस तरह की सामग्रियों से दूर रहें और किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।