सार
जैसलमेर में गैस एजेंसी पर छापेमारी में स्टॉक और रिकॉर्ड में गड़बड़ी, ई-केवाईसी प्रक्रिया में लापरवाही और दूसरे ब्रांड के सिलिंडर मिलने का खुलासा हुआ। प्रशासन ने सिलेंडर जब्त कर जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी।
जैसलमेर में एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में रसद विभाग की टीम ने पारेवर क्षेत्र स्थित एक गैस एजेंसी पर औचक निरीक्षण कर कई गंभीर अनियमितताएं उजागर की हैं।
एजेंसी परिसर में मचा हड़कंप
जिला कलेक्टर के निर्देश पर जिला रसद अधिकारी रामसिंह मीणा के नेतृत्व में टीम ने “श्री स्वांगियां इण्डेन ग्रामीण गैस वितरक” पर बिना पूर्व सूचना छापा मारा। अचानक हुई इस कार्रवाई से एजेंसी परिसर में हड़कंप मच गया।
रिकॉर्ड में मिला अंतर
निरीक्षण के दौरान टीम ने गैस सिलेंडरों के स्टॉक, वितरण रिकॉर्ड, उपभोक्ता डेटा और आपूर्ति प्रक्रिया की बारीकी से जांच की। जांच में पाया गया कि रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में स्पष्ट अंतर मौजूद था, खासकर 14.2 किलोग्राम घरेलू और 19 किलोग्राम व्यावसायिक सिलेंडरों के आंकड़ों में गड़बड़ी सामने आई।
ई-केवाईसी में मिली गड़बड़ी
इसके अलावा ई-केवाईसी और ओटीपी आधारित डिलीवरी प्रणाली के संचालन में भी लापरवाही पाई गई। एजेंसी संचालक उपभोक्ता डेटा और डिजिटल प्रक्रिया से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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40 खाली घरेलू सिलिंडर मिले
निरीक्षण के दौरान गोदाम में एचपी कंपनी के लगभग 40 खाली घरेलू सिलेंडर भी पाए गए, जो नियमों के विपरीत थे। टीम ने इन्हें जब्त कर संबंधित एचपी गैस एजेंसी नेहडाई को सौंप दिया। इस कार्रवाई में प्रवर्तन अधिकारी मुरारी लाल और सहायक प्रोग्रामर गजेन्द्र सिंह भी मौजूद रहे। टीम ने पूरी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी है। प्रशासन ने साफ किया है कि अब व्यावसायिक और घरेलू गैस वितरण पर सख्त निगरानी रखी जाएगी और किसी भी अनियमितता पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।