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Jaisalmer: पोकरण में अच्छी बारिश के बावजूद तालाबों में नहीं आया पानी, माफियाओं ने खोद दिए जल प्रवाह के रास्ते

Fri, 02 Jun 2023 10:26 AM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर

सार

जैसलमेर जिले के पोकरण उपखंड में अवैध खनन माफियाओं ने तालाबों के आघोर में अवैध खनन कर दिया है, जिससे बीते दिनों दो दिन हुई अच्छी बरसात के बाद भी तालाबों में पानी नहीं आया है। इस संबंध में प्रशासन को भी जानकारी थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की।
 
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अच्छी बारिश के बावजूद तालाबों में नहीं आया पानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिमी विक्षोभ के कारण क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से आए बवंडर और तूफानी बारिश के कारण पोकरण में पिछले दो-तीन दिनों से अच्छी बरसात हुई है। जिला मुख्यालय पर भी अच्छी बरसात होने से गड़ीसर तालाब लबालब भर गया। स्थिति यह है कि गड़ीसर तालाब से पानी छलक कर बाहर आने लगा है। लेकिन पोकरण में भी बारिश होने के बाद भी अभी तक पोकरण के सालम सागर तालाब और रामदेवसर तालाब पूरी तरह से सूखे हैं।

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बता दें कि 44 एमएम बारिश के बाद भी इन तालाबों में पानी की आवक नाम मात्र की भी नहीं हुई। इसके पीछे कारण है कि अवैध खनन माफिया ने इन तालाबों में पानी की आवक वाले रास्तों को खोद दिया है। इस कारण तालाब में बरसाती पानी पहुंचाने वाली बीलिया नदी पूरी तरह से अपना अस्तित्व खो चुकी है।

विस्फोट से की गई खुदाई से हो गए हैं गहरे गड्ढे...
अवैध खनन माफियाओं द्वारा दिन रात विस्फोट से की गई खुदाई के कारण काफी गहरे गड्ढे हो गए हैं। वहीं, कई स्थानों पर तालाब जितने बड़े गड्ढे हो गए हैं। इस कारण शहर के पारंपरिक जलस्रोत सालमसागर और रामदेवसर तालाब में इतनी बारिश होने के बाद भी पानी की आवक नहीं हुई।
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कई साल से जारी है अवैध खनन...
शहर की बरसाती बीलिया नदी में पानी बीलिया के पठारों तथा आशापुरा मंदिर के पीछे पहाड़ी क्षेत्र से आता है। इस क्षेत्र में अवैध खनन करने वाले माफियाओं द्वारा कुछ साल पहले ताबड़तोड़ खुदाई शुरू कर दी। सात से आठ जेसीबी और अनगिनत ट्रैक्टर-ट्रेलर यहां चलते थे। कई बार अवैध खनन माफिया द्वारा विस्फोटक लगाकर दिन और रात में धमाके करते थे।

प्रशासन जानकारी के बावजूद मौन...
इस संबंध में स्थानीय प्रशासन को भी जानकारी थी, लेकिन तत्कालीन अधिकारियों की शह और मौन स्वीकृति के चलते अवैध खनन माफिया के हौसले इतने बढ़ गए कि उन्होंने न तो शहर के इन तालाबों की सोची और न ही इन तालाबों में आने वाली पानी की आवक के बारे में कोई ध्यान नहीं दिया। स्थिति यह है कि शहर में झमाझम बारिश के बाद भी इन तालाबों में बरसाती नदी से कोई आवक नहीं हुई।

बरसाती नदी बीलिया से आने वाले बरसाती पानी को रोकने में सिर्फ अवैध खनन माफिया की ही सहभागिता नहीं है। तालाब के आस-पास निवास करने वाले कई लोग हैं, जिन्होंने अपने-अपने घरों में आने जाने लिए अपनी सुविधा के अनुसार ही सड़क मार्ग बना दी। इसमें न तो पाइप लगाए गए हैं और न ही बरसाती पानी निकलने के लिए कोई जगह छोड़ी गई है। ऐसे में स्थिति यह है कि बरसाती पानी इन लोगों द्वारा बनाए गए रास्ते पर ही रुक गया है।

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