जैसलमेर जिला जो बड़े भू भाग में फैला है। पाक बॉर्डर से सटे सीमावर्ती जिले में अब तक सड़क नहीं होने से कई चुनौतियों से ग्रामीणों को रूबरू होना पड़ा है। पंचायत समिति नाचना की ग्राम पंचायत सत्याया के राजस्व गांव सेवड़ा में आजादी के बाद प्रथम बार सोमवार को ग्रामीणों को डामर सड़क नसीब हुई है।
आज पहली बार सेवड़ा में डामर सड़क का काम पूरा होने पर ग्रामीणों के चेहरों पर रौनक आ गई। ग्रामीण अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। पोकरण विधायक की सिफारिश पर 4.5 किलोमीटर डामर सड़क की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद पोकरण सड़क से सेवड़ा वाया मंगेरी ढाणी तक साढे चार किमी डामर सड़क का कार्य पूर्ण हुआ और सभी ग्रामीणों ने विधायक का आभार जताया।
कई पीढ़ियां गुजरने के बाद नसीब हुई डामर सड़क...
सेवड़ा गांव आजादी के बाद अभागा गांव के नाम से भी जाने लगा था, क्योंकि यहां तक कोई भी सरकारी योजना नहीं पहुंचती थी। ग्रामीणों की हर मांग को अनसुना कर दिया जाता था। पक्की डामर सड़क नहीं होने के कारण यहां विकास भी नहीं हो पाया। डामर सड़क की मांग करते करते कई पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन ग्रामीणों को अब जाकर डामर सड़क नसीब हुई। अब सड़क होने से वाहन आसानी से आ और जा सेकेंगे। परिवहन के साधन गांव तक सीधे आएंगे और यहां की कायापलट हो जाएगी।
अब पंचायत मुख्यालय से जुड़ने की उम्मीद...
पोकरन सड़क (आर्मी टॉवर) से सेवड़ा तक डामर सड़क होने के बाद अब ग्रामीणों में आस ओर उम्मीद जागी है कि जल्द ही सेवड़ा से बहादुर सिंह ढाणी आगे सत्याया पंचायत मुख्यालय से भी जुड़ सकेगी। सेवड़ा मे डामर सड़क पहुंचने पर सेवड़ा और मंगेरी के ग्रामीणों ने विधायक शाले मोहम्मद, पूर्व जिला प्रमुख अब्दुल्ला फकीर और मेहर कंस्ट्रक्शन कम्पनी के मालिक आरब खान का आभार जताया।