पत्रकारवार्ता करते पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा।
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पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा ने हरियाणा और राजस्थान के बीच यमुना जल समझौते पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले ERCP के समझौते की बात राजस्थान सरकार ने की। फिर यमुना जल समझौते को लेकर अपनी पीठ थपथपाई। राजस्थान की भाजपा सरकार एमओयू के बाद आभार यात्राएं निकाल रही है, लेकिन इसकी हकीकत कुछ और ही है। ये बात पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा ने यमुना से पानी के मुद्दे को लेकर पत्रकारवार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ERCP को लेकर जनता को गुमराह किया है। हरियाणा से एक बूंद पानी नहीं मिलने वाला, फिर भी राज्य सरकार जनता को भ्रमित क्यों कर रही है। हरियाणा सरकार से पानी की सप्लाई को लेकर कहा कि ये समझौता है ही नहीं, ये केंद्र सरकार की लोकसभा चुनाव में एक साजिश है।
यमुना के पानी की बात जो यह लोग करते हैं। इसकी शुरुआत 1994 से हुई थी। उन्होंने कहा कि राजस्थान की सरकार ने हरियाणा के सामने सरेंडर किया है। हम इसे पर्ची की सरकार कहत हैं। ये सिर्फ हेलीकॉप्टर में घूमने का काम करते हैं। राजस्थान सरकार अब भ्रमण सरकार बन गई है।
डोटासरा बोले कि हरियाणा के सीएम मनोहरलाल खट्टर ने कहा है कि बारिश में जो अतिरिक्त पानी आएगा, उसमें से राजस्थान को पानी दिया जाएगा। उस अतिरिक्त पानी में से भी 25 फीसदी पानी हरियाणा लेगा।