सिटी पैलेस में पूजन करते पद्मनाभ सिंह।
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जयपुर के पूर्व महाराज भवानी सिंह भगवान राम के बेटे कुश के 309वें वंशज थे। इनके बाद इनके दोहते और जयपुर राजघराने से ताल्लुक रखने वाली उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के पुत्र महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह इस घराने के उत्तराधिकारी घोषित हुए। भवानी सिंह को सरकार ने ब्रिगेडियर के पद से नवाजा था। उनके निधन के बाद 2011 में वारिस के तौर पर पद्मनाभ सिंह का राजतिलक हुआ।
जब कोर्ट में अयोध्या के राम राममंदिर को लेकर सुनवाई चल रही थी। तब शीर्ष कोर्ट ने पूछा था- क्या भगवान राम का कोई वंशज अयोध्या या दुनिया में है? तब रामलला के वकील का जवाब था- पता नहीं। उस दौरान जयपुर के पूर्व राजघराने के महाराजा भवानी सिंह की बेटी दीया कुमारी ने दावा किया था कि उनका परिवार भगवान राम के बड़े बेटे कुश के नाम पर ख्यात कच्छवाहा/कुशवाहा वंश के वंशज हैं।
चंद्र महल में होती है शस्त्र पूजा
दशहरा एवं विजयादशमी के अवसर पर शनिवार को सिटी पैलेस में पद्मनाभ सिंह ने रीति-रिवाज अनुसार पारंपरिक पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने पहले चंद्र महल में शस्त्र पूजा की। इसके साथ ही सर्वतोभद्र चौक में अश्व पूजा, गज पूजा और पालकी की पूजा की। जयपोल पर परंपरा अनुसार नील कंठ पक्षी को भी उड़ाया गया। इस अवसर पर ताजमी सरदार, खासा चौकी सरदार एवं जयपुर के पूर्व ठाकुर और ठिकानेदार उपस्थित रहे, जिन्होंने पद्मनाभ सिंह से भेंटकर उन्हें दशहरा पर्व की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।